दिव्यांग छात्रा का नेत्रहीन विद्यालय के लिए धनसंग्रह/ शिक्षा पर आनलाइन अंतरराष्ट्रीय वेबीनार/ कैमूर में रूप-सज्जा कार्यशाला/ चिकित्सक पत्नी की पुण्यतिथि

आवासीय नेत्रहीन विद्यालय को सौंपी रकम

सासाराम (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। गांव की एक दिव्यांग छात्रा ने नेत्रहीन विद्यालय के लिए धन-संग्रह करने का अनुकरणीय कार्य किया है। रोहतास जिला में इस तरह के कार्य की शुरुआत करने वाली छात्रा मनीषा कुमार अर्जुन बिगहा गांव निवासी हैं। कुमारी मनीषा ने धनसंग्रह का कार्य सबसे पहले अपने परिवार से शुरू किया। उसका कहना है कि दिव्यांग होने के नाते वह दृष्टिबाधितों के दर्द को समझती है। मनीषा ने पिता पृथ्वीराज सिंह, मां बबिता देवी, भाई राहुल कुमार, चाचा नंदजी सिंह और अपने गांव के पड़ोसी घरों से आरंभिक प्रयास में 5800 रुपये की धन राशि संग्रह कर सासाराम प्रखंड के अमरातालाब के नजदीक जगदवनडीह ग्राम स्थित ललन सिंह सेफरो आवासीय नेत्रहीन विद्यालय को एक सादा कार्यक्रम में सौंपा। कुमारी मनीषा का कहना है कि दिव्यांगों के सेवार्थ ग्रामीण स्तर पर धनसंग्रह का कार्य वह आगे भी जारी रखेगी। यह जानकारी ललन सिंह सेफरो आवासीय नेत्रहीन विद्यालय के सचिव जीएन लाल (पूर्व वरिष्ठ बैंक प्रबंधक) ने दी।

ब्यूटीशियन कला सौंदर्य, फैशन और रोजगार की त्रयी : अनुराधा

कुदरा (कैमूर)-सोनमाटी संवाददाता। ब्यूटीशियन कला रोजगार, फैशन और सौंदर्य की त्रयी है। यह बात कैमूर जिला जदयू महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष लोकगायिक अभिनेत्री अनुराधाकृष्ण रस्तोगी ने फेमिना हर्बल ब्यूटी पार्लर एंड ब्यूटी क्लिनिक (सकरी, कुदरा) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ब्यूटीशियन कार्यशाला के पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस कार्यशाला मेें बिहार और झारखंड के कई जिलों के पार्लर-कर्मी महिला-पुरुष ब्यूटीशियनों और रूप-सज्जा कलाकारों ने हिस्सा ने लिया। कैमूर जिला में अपनी तरह का यह प्रथम आयोजन रीना गोस्वामी के संयोजन में किया गया। मेरठ की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन अमृता सिंह और पटना के टेकटेनियन राय ने अपने अनुभव और कौशल से ब्यूटीशियनों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर रूप-सज्जा प्रतियोगिता में अनेक महिलाओं ने अपना मंच-प्रदर्शन किया, जिनमें पटना की मनीषा, भभुआ की मंजू रानी और कुदरा की रीता रानी ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। रूप-सज्जा में अग्रणी स्थान पाने वाली और भाग लेने वाली महिलाओं को स्मृति चिह्नï और प्रमाणपत्र के साथ उपहार भेंट किए गए।

रिपोर्ट, तस्वीर : सुरेंद्रकृष्ण रस्तोगी

पारंपरिक कक्षा-शिक्षा का कामचलाऊ विकल्प है आनलाइन पढ़ाई

पटना (सोनमाटी प्रतिनिधि)। जन-धन की व्यापक हानि के अंजाम देने वाली कोविड-19 महाआपदा का दुष्प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ा। शिक्षा पर तो सबसे अधिक आघात पहुंचा। आनलाइन शिक्षा से छोटे बच्चों तथा पढ़ाई में मन नहीं लगाने वाले विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिल रहा। भारतीय रूसी मैत्री संघ (मास्को), जापान हिंदी कल्चरल सेंटर (टोक्यो) और बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन (पटना) के संयुक्त तत्त्वावधान में शिक्षा पर वैश्विक आपदा का प्रभाव विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय आनलाइन वेबीनार का उद्घाटन करते हुए भारतीय रूसी मैत्री संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने ये बात कहीं। लगभग सभी वक्ताओं ने यही कहा कि आनलाइन शिक्षा एक कामचलाऊ विकल्प है, जो विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की पारंपरिक शिक्षा-व्यवस्था का पूर्ण विकल्प नहीं हो सकती। लंदन से कवि-लेखक आशीष मिश्र ने बताया कि इंग्लैंड में शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। डा. प्रमा शर्मा (अध्यक्ष, जापान हिंदी कल्चरल सेंटर) ने बताया कि जापान में तकनीकी सुविधा संपन्नता से डिजिटल शिक्षा का अपेक्षत: पर्याप्त लाभ उठाया गया। मुख्य वक्ता डा. करुणा शंकर उपाध्याय (हिंदी विभागाध्यक्ष, मुंबई विश्वविद्यालय), अनुराग शर्मा (मुख्य संपादक, सेतु मासिक, अमेरिका), प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा (हिंदी विभागाध्यक्ष, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन), भूपेंद्र कलसी (साहित्य मंत्री, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन) ने कहा कि भारत में आनलाइन शिक्षा के लिए आधारभूत संरचना का अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास ही स्मार्टफोन या लैपटाप उपलब्ध है। फिलहाल तो आनलाइन शिक्षा खानापूर्ति भर है। बेबिनार की अध्यक्षता करते हुए बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा.अनिल सुलभ ने कहा कि भारत जैसे विकासशील राष्ट्र में आनलाइन शिक्षा के लिए तकनीकी आधारभूत संरचना का विद्यालयों और महाविद्यालयों में अभाव है और शिक्षक समुदाय भी इंटरनेट सूचना तकनीक की उपयोग विधि से पूरी तरह परिचिति नहींहै। डा. मोनिका देवी (जापान हिंदी कल्चरल सेंटर) वेबिनार संगोष्ठी की संयोजिका थीं।

रिपोर्ट : बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता, पटना (8409393487)

डा. प्रसाद ने मनाई पत्नी की दूसरी पुण्यतिथि

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डा. एसबी प्रसाद ने पाली रोड स्थित प्रसाद हर्ट केयर सेंटर परिसर में अपनी पत्नी के निधन की दूसरी पुण्य तिथि पर पूजन-भजन, पुष्पांजलि-श्रद्धांजलि कार्यक्रम और दरिद्रनारायण सत्कार का आयोजन किया। पुष्पांजलि-श्रद्धांजलि कार्यक्रम में चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों के साथ सोन कला केेंद्र, सोनघाटी पुरातत्व परिषद, डिहरी चेस क्लब, टीम इंडिया बैडमिंटन क्लब और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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