नेशनल लेबल इंग्लिश स्कालर चैंपियनशिप में संतपाल स्कूल के 55 विद्यार्थी सफल

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। संत पॉल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल के 55 विद्यार्थियों को इंग्लिश स्कॉलर नेशनल लेबल चैंपियनशिप में नगद राशि पुरस्कार और स्मृतिचिह्नï (ट्रॉ्रफी व मेडल) दिया गया। केरल की शैक्षणिक संस्था बुक बकेट सर्विसेज की ओर से 4-18 मई को संत पॉल स्कूल परिसर में इंग्लिश स्कॉलर नेशनल लेबल चैंपियनशिप की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें इस विद्यालय के 151 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। विद्यालय के चेयरमैन एसपी वर्मा, प्रबंधक रोहित वर्मा, प्राचार्या आराधना वर्मा, शिक्षक सह मीडिया प्रभारी अर्जुन कुमार ने विद्यार्थियों के नेशनल लेबल चैंपियनशिप क्वालिफाई करने पर हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी है। शिक्षाविद एसपी वर्मा के अनुसार, यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में अंग्रेजी के प्रति आकर्षण पैदा करने और उसके प्रति ग्राही बनाने का संगठित प्रयास है।
बुक बकेट सर्विसेज द्वारा रोहतास जिले के कई विद्यालयों में इंग्लिश स्कॉलर नेशनल लेबल चैंपियनशिप का प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें जिले के संत पॉल स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल (अदमापुर एवं कटार), जेम्स इंग्लिश स्कूल (सिकरिया), बाल विकास विद्यालय, प्रज्ञा निकेतन (सासाराम) आदि से कुल 585 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। बुक बकेट सर्विसेज के रीजनल मैनेजर प्रशांत कुमार ने बताया कि नेशनल लेबल चैंपियनशिप में अव्वल आये छात्र-छात्राओं को उनकी प्रतियोगिता में प्राप्त उपलब्धि के आधार पर विद्यालयों में उनके प्राचार्य के जरिये पुरस्कार व प्रमाणपत्र दिया गया है। संत पॉल स्कूल के 56 विद्यार्थियों में तीन विद्यार्थी कीर्ति शीखा श्रीवास्तव, अंकुर आनंद एवं अर्चित बिस्ट को 500 रुपये नगद पुरस्कार, दस विद्यार्थियों अंकुर आनंद, रचित वर्मा, अयाना सिंह, अरमान सूद, शाम्भवी श्रीवास्तव, तमीसा, आदित्य राज, अंकित राज, कुमार आयुष एवं समृद्धि सावन को स्मृतिचिह्नï (ट्रॉ्रफी, मेडल) और अन्य 42 छात्र-छात्राओं को सफल प्रतिभागिता का प्रमाणपत्र दिया गया।

(तस्वीर, रिपोर्ट : अर्जुन कुमार)

 

बड़ी समस्या : अतिक्रमण से मुक्ति के लिए वेंडर जोन बनाने की कवायद

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष संवाददाता। वेंडर जोन बनाकर औद्योगिक शहर डेहरी-आन-सोन के मुख्य बाजारों व सड़कों को ठेले-खोमचे वालों के दैनिक अतिक्रमण से मुक्त कराने और सड़कों पर सुचारू यातायात-प्रवाह बनाए रखने की कवायद की जा रही है। इस दिशा में शुरूआत करते हुए डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालिक पदाधिकारी अंजय कुमार राय की अध्यक्षता में बैठक की गई, जिसमें चैंबर्स आफ कामर्स के स्थानीय अध्यक्ष अमित कुमार उर्फ बबल कश्यप के नेतृत्व में शहर के वाणिज्यिक प्रतिनिधियों, फुटपाथ विक्रेता संघ के प्रतिनिधियों और नगर परिषद के सहकर्मियों ने भी भाग लिया। बैठक में एक कार्य-दल का गठन किया गया, जो एक सप्ताह में सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपेगा और उस रिपोर्ट के आधार पर कार्यपालक पदाधिकारी अपनी संस्तुति जिलाधिकारी को स्वीकृति के लिए भेजेंगे। कार्य-दल शहर के विभिन्न स्थलों का मुआयन कर यह चिह्निïत करेगा कि फुटपाथी दुकानदारों, ठेले-खोमचे वालों को कहां-कहां स्थानांतरित-संस्थापित किया जा सकता है।
चैंबर्स आफ कामर्स के बबल कश्यप का कहना है कि शहर की सड़के पहले से ही संकरी हैं। फुटपाथी दुकानदारों के कारण सड़केें और सिकुड़ गई हैं। शहर में दोपहिया-चारपहिया वाहनों की संख्या भी बेहद तेजी से बढ़ी है। इस स्थिति में फुटपाथी दुकानदारों को मुख्य बाजार से हटाकर कहीं बेहतर जगह में स्थापित करना बड़ी समस्या है। इसमें संसाधन की उपलबधता और सरकारी विभागों की इच्छाशक्ति का सवाल भी जुड़ा हुआ है। पांच स्थान पहले चिह्निïत किए गए थे, लेकिन अधिकारी यह कहते हैं कि उन स्थानों के लिए संबंधित विभागों ने एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र)नहीं दिया है।
फुटपाथ विक्रेता संघ के अब्दुल कलाम आजाद और भोला राईन का कहना है कि फुटपाथी दुकानदार दशकों से फुटपाथ पर छोटे-छोटे कारोबार के जरिये अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे हैं। शहर के करीब डेढ़ हजार फुटपाथी दुकानदारों, ठेला-खोमचों वालो आदि की सूची नगर परिषद और अन्य विभागों की सौंपी गई हैं, मगर सभी विभाग अनजान-अनसुन और निरुपाय बने हुए हैं।
शहर के सबसे प्रतिष्ठित मिठाई प्रतिष्ठान कामधेनु स्वीट्स के प्रबंधक अरविंद गुप्ता और अरुण गुप्ता का कहना है कि ग्रामीण अंचलों के भारी दबाव के कारण शहर में आबादी का प्रसार अब विस्फोट के स्तर तक पहुंच चुका है और इसी वजह से वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है। लोग बाजार अपने-अपने वाहनों से आते हैं तो उसे दुकानों के सामने खड़ी करने की समस्या है। इस हालात को संभालने की जरूरत है। स्थिति पीछे के दिनों में नहींलौट सकती। अब तो आगे के लिए ही त्वरित, सक्रिय व परिणामपरक कार्य की जरूरत है। फुटपाथी दुकानदारों के साथ वाहन खड़ी करने की समस्या कैसे हल हो, इस पर भी जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और समाजसेवी कार्यकर्ताओं को तेजी से संगठित होकर सक्रिय होना होगा।

(तस्वीर, रिपोर्ट : उपेन्द्र कश्यप, निशांत राज)

 

ग्रामीण क्षेत्र में अग्रणी कार्य के लिए डा. मधु उपाध्याय का पटना में सम्मान

पटना (सोनमाटी समाचार)। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल में आयोजित राष्ट्रीय गौरव सम्मान समारोह में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कार्य, स्वच्छता जागरूकता अभियान में ग्रामीण क्षेत्र में अग्रणी योगदान के लिए रोहतास जिले के संझौली प्रखंड की उप प्रमुख डा. मधु उपाध्याय को सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से डा. मधु उपाध्याय द्वारा किए गए कार्यों पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने की भी घोषणा की गई। राष्ट्रीय गौरव सम्मान समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार के अनुसार, बिहार के विभिन्न जिलों में सक्रिय ऐसी अग्रणी 10 महिलाओं को यह सम्मान दिया गया, ताकि इनकी और इन जैसी अन्य महिलाओं की प्रेरक सामाजिक सक्रियता कायम रहे। डा. मधु उपाध्याय ने कहा है कि मेरे सामाजिक कार्यों के लिए मुझे मिला सम्मान मेरे ग्रामीण क्षेत्र की जनता का सम्मान है, जिनके कारण ही मुझे पिछड़े ग्राम्य समाज में भी काम करने का अवसर और माहौल मिला।

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