स्वच्छता से ही स्वस्थ समाज का निर्माण : उपेन्द्र कुशवाहा

एनडीए सरकार में शिक्षा सुधार की कवायद जारी

डेहरी-आन-सोन/ पटना (सोनमाटी समाचार)। स्वच्छता से ही स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है, क्योंकि साफ-सफाई बीमारी को दूर रखती है। स्वच्छता हर समाज, हर परिवार और हर व्यक्ति के लिए पूजा की तरह होनी चाहिए। इसीलिए हमारे पर्व-संस्कारों में साफ-सफाई पर परंपरा से ही ज्यादा जोर रहा है। साफ-सफाई से ही घर की इज्जत तय होती है। स्वच्छता सिर्फ सरकारी तंत्र की जवाबदेही नहीं, बल्कि स्वच्छता और साफ-सफाई समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। अब समय आ चुका है कि इस मानसिकता से उबरा जाए कि गंदगी हम करें और साफ-सफाई कोई दूसरा करे। यह बातें स्थानीय सांसद, राष्ट्रीय लोक समता के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केेंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने डेहरी-आन-सोन में कर्पूरी (थाना) चौक से अंबेडकर चौक तक स्वच्छता जागरुकता अभियान की शुरुआत करते हुए कही। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों-संस्कृतिकर्मियों के साथ कर्पूरी (थाना) चौक से अंबेडकर चौक तक एक किलोमीटर की पैदल यात्रा कर स्वच्छता जागरुकता के प्रति लोगों को आकर्षित किया।
इससे पहले उपेन्द्र कुशवाहा ने पटना में पत्रकारों को बताया कि 15 अक्टूबर को पटना गांधी मैदान में शिक्षा सुधार संकल्प महासम्मेलन बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार होगा, तभी गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए केेंद्र की एनडीए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि शिक्षा सुधार की दिशा में मिड-डे मील की व्यवस्था को अलग करने की कवायद जारी है, ताकि इसका अधिक-से-अधिक लाभ निर्धन परिवार के बच्चों तक पहुंच सके।
उपेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि अब स्कूल या विद्यार्थी आनलाइन पोर्टल से आर्डर देकर भी एनसीआरटी की किताबें मंगा सकते हैं, इसके लिए उन्हें एनसीआरटी की वेबसाइट जाना होगा और आनलाइन भुगतान करना होगा।
उधर, पूर्व फुटबाल खिलाड़ी एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डा. आरडी सिंह ने केेंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद उपेन्द्र कुशवाहा द्वारा शहर में स्टेडियम निर्माण करने की घोषणा का स्वागत किया है।
(वेब रिपोर्टिंग : जगनारायण पांडेय, निशांत राज)

Share
  • Related Posts

    बिहार की राजनीति में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, बेटों को स्थापित करने की होड़

    भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आजादी के करीब डेढ़ दशक बाद ही परिवारवाद को लेकर सवाल उठने लगे थे, जब इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू के बाद कांग्रेस में प्रभावी बनने…

    Share

    संतुलित उर्वरक उपयोग से टिकाऊ खेती पर जोर, मणिछपरा में किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

    पूर्वी चंपारण। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा बुधवार को कल्याणपुर प्रखंड के मणिछपरा गांव में किसानों के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन…

    Share

    You Missed

    बिहार की राजनीति में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, बेटों को स्थापित करने की होड़

    बिहार की राजनीति में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, बेटों को स्थापित करने की होड़

    संतुलित उर्वरक उपयोग से टिकाऊ खेती पर जोर, मणिछपरा में किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

    संतुलित उर्वरक उपयोग से टिकाऊ खेती पर जोर, मणिछपरा में किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    मौसम में बदलाव से मूंग-उड़द में बढ़ा पीला धब्बा रोग का खतरा : डॉ. धनंजय तिवारी

    मौसम में बदलाव से मूंग-उड़द में बढ़ा पीला धब्बा रोग का खतरा : डॉ. धनंजय तिवारी

    गिद्दा महादलित टोले में दूसरे सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    गिद्दा महादलित टोले में दूसरे सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर नारायण नर्सिंग कॉलेज का स्वास्थ्य शिविर, 55 ग्रामीण लाभान्वित

    विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर नारायण नर्सिंग कॉलेज का स्वास्थ्य शिविर, 55 ग्रामीण लाभान्वित