पत्रकार उपेंद्र कश्यप को मिला डाक्टरेट की मानद उपाधि

  • नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में मिला सम्मान
  • भारत के 22 प्रदेश के साथ पांच देश के 105 को मिला सम्मान
इंटरनेशनल इनोवेटिव एजुकेशन अवार्ड से भी सम्मानित हुए पत्रकार उपेंद्र कश्यप

दाउदनगर (औरंगाबाद) कार्यालय प्रतिनिधि। फोर्थ व्यूज व दैनिक जागरण के पत्रकार उपेंद्र कश्यप को ज्वलंत और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने, सोन का शोक, आफत में बेजुबान, सड़क सुरक्षा और नशे की गिरफ्त में युवा शीर्षक से पत्रकारीय अभियान चलाने, विभिन्न राजनीतिक सामाजिक मुद्दों पर फोर्थ व्यूज पर लाइव डिबेट करने, सामाजिक सरोकारों को लेकर लगातार बेबाक रिपोर्टिंग करने, जानलेवा हमला झेलने के बावजूद खतरों के बीच बेबाक रिपोर्टिंग करते रहने के जज्बे को बड़ा सम्मान मिला है। सोक्रेटस सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी,नई दिल्ली ने उन्हें डाक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की है। इसके साथ ही संस्थान ने इंटरनेशनल इनोवेटिव एजुकेशन अवार्ड से भी सम्मानित किया है। इस समारोह में देश के 22 राज्यो, पांच देशों के 105 गणमान्यों को यह सम्मान दिया गया है।उपेंद्र कश्यप बिहार में दैनिक जागरण के आगमन के साथ ही इस संस्थान से जुड़े हैं और कई मुद्दों पर बेबाक, बारीक व तटस्थ पत्रकारिता के कारण चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2017 में उन पर दोहरे हत्याकांड की रिपोर्टिंग के समय अपराधिक तत्वों ने जानलेवा हमला भी किया था। यह सम्मान तीन मूर्ति मार्ग स्थित विश्व युवा केन्द्र में आयोजित भव्य समारोह में दिया गया। जिसमें भारत के अलावा भूटान, नेपाल, आस्ट्रेलिया व यूएस के लोग सम्मानित हुए या बतौर अतिथि शामिल हुए। संस्थान के चेयरमैन के योगेश में संचालन किया। बतौर अतिथि राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया, स्टेट कौंसिल आफ़ एज्युकेशनल रिसर्च ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के ज्वाइंट डायरेक्टर एकेडमिक डा. नाहर सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार भागी, उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राजेश टंडन, दिल्ली पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व डीसीपी लक्ष्मी नारायण राव, आस्ट्रेलिया के शिक्षाविद डा. वीक गफनी, दिल्ली विश्वविद्यालय में फिजिक्स के एचओडी डा. पीडी सहाय, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह, हिंदी के प्रोफेसर मनोज, जेएनयू के मैनेजमेंट के प्रोफेसर अरविंद कुमार, संतोष सुखवानी व अन्य उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    नवरात्र केवल देवी की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि नारी की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता पर आत्ममंथन का अवसर भी है। माँ दुर्गा की शक्ति के प्रति हमारी श्रद्धा तभी…

    Share

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    विश्व स्तर पर प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस’ मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गरीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गरीबी-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रयासों…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    पटना में महिला किसान दिवस पर महिला सशक्तीकरण का संदेश, बिहार-झारखंड की नवाचारी महिला किसान सम्मानित

    पटना में महिला किसान दिवस पर महिला सशक्तीकरण का संदेश, बिहार-झारखंड की नवाचारी महिला किसान सम्मानित

    सासाराम के धनकाढ़ा में किशोरियों के बीच 50 एमएचएम किट वितरित

    सासाराम के धनकाढ़ा में किशोरियों के बीच 50 एमएचएम किट वितरित

    दुर्गापूजा पर डेहरी-ऑन-सोन में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक, 17 से 22 अक्टूबर तक लागू रहेगा आदेश

    इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 में भागीदारी को लेकर जीएनएसयू में कार्यशाला आयोजित

    इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 में भागीदारी को लेकर जीएनएसयू में कार्यशाला आयोजित