आजीविका में सुधार हेतु समेकित मत्स्य पालन

पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में खगड़िया जिले के किसानों के लिए सोमवार को पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है | डॉ. आशुतोष उपाध्याय, प्रभागाध्यक्ष, भूमि एवं जल प्रबंधन ने समेकित मत्स्य पालन के विभिन्न अवयवों के महत्त्व के बारे में बताते हुए आय बढ़ाने हेतु जल संसाधन के समुचित उपयोग के बारे में जानकारी दी। डॉ. कमल शर्मा, प्रभागाध्यक्ष, पशुधन एवं मात्स्यिकी प्रबंधन ने किसानों को इस प्रशिक्षण की उपयोगिता से अवगत कराया। प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. विवेकानंद भारती, वैज्ञानिक ने किसानों को पाँच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। डॉ. शैलेन्द्र राउत, वैज्ञानिक, मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा ने किसानों को मत्स्य पालन के साथ मखाना और सिंघाड़ा उत्पादन के तरीकों की विस्तृत जनकारी दी। डॉ. तारकेश्वर कुमार, वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम सह-निदेशक ने किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन के लिए मछली की विभिन्न प्रजातियों की पहचान की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. एस. के. अहिरवाल, वैज्ञानिक सह-पाठ्यक्रम निदेशक, डॉ. रजनी कुमारी, अमरेंद्र कुमार, अमितेश कुमार एवं सुनील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही । विदित हो कि संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

Share
  • Related Posts

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    आरा (भोजपुर)। पुण्यतिथि पखवाड़ा के तहत स्थानीय बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त मृदंगवादक शत्रुंजय प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि परिचर्चा के रूप…

    Share

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    विगत दिनों निशांत राज ने पटना में अपनी संपादित पुस्तक “लाली” भेंट की, तो मैं चमत्कृत रह गया। यह पुस्तक उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय कृष्ण किसलय की स्मृति में उनकी…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    आरटीआई खुलासे से शिक्षक नियुक्ति पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

    बाल श्रम के खिलाफ एकजुट हुआ समाज, जागरूकता कार्यक्रम में दिलाई गई शपथ

    15 जून से शुरू होगा किसान चौपाल अभियान, पंचायतों में मिलेगी कृषि जानकारी