
डेहरी -आन-सोन/ दिनारा (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय हिंदी कवि लक्ष्मीकांत मुकुल की पाँच कविताओं का रोमानियाई भाषा में अनूठा और सार्थक अनुवाद कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।यूरोप के बाल्कन प्रायद्वीप स्थित मोल्दोवा देश के उन्घेनी नगर की प्रसिद्ध शिक्षाविद्, साहित्यिक आलोचक एवं कवयित्री वलेंटिया मोरोसानु ने इन कविताओं का अनुवाद किया।
इस विशेष साहित्यिक कार्य के लिए कवि मुकुल को “Premiul de Excelenśă în Literatură” (साहित्य में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान साहित्य, संस्कृति, शांति, पुस्तकों के वैश्विक प्रचार-प्रसार और रोमानियाई साहित्यिक भाषा को प्रोत्साहन देने की उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता प्रदान करता है।

वलेंटिया मोरोसानु, जो एस.आर.एल. “गैंडुराइल टेरेई” की संस्थापिका एवं प्रशासक-निदेशक हैं, ने कविताओं के अनुवाद के साथ ही उन पर आलोचनात्मक टिप्पणियां भी प्रस्तुत कीं।
कवि मुकुल ने कहा कि रोमानियाई साहित्य की धरती से अपनी रचनात्मकता को जोड़ना उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है। साथ ही उन्होंने इस कार्य में प्रेरणा और प्रोत्साहन देने के लिए रोमानिया की श्रीमती दानिएला डियागोमिर के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
विदित हो कि कवि लक्ष्मीकांत मुकुल दिनारा प्रखंड के मैरा गाँव के निवासी हैं।






