
सासाराम (रोहतास) – कार्यालय प्रतिनिधि। इतिहास और संस्कृति की धरोहरों से समृद्ध शाहाबाद एक बार फिर अपने गौरव का उत्सव मनाने जा रहा है। इस वर्ष का शाहाबाद महोत्सव 2025 आगामी 6 और 7 दिसम्बर को ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला परिसर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। यह लगातार आठवां आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य शाहाबाद की परंपराओं, कला-संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
समिति के संयोजक अखिलेश कुमार ने सासाराम स्थित सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर बताया कि महोत्सव की शुरुआत 6 दिसम्बर को सोन-कोयल नदी संगम स्थल बांदू गांव के प्राचीन दशाशिश महादेव शिवलिंग पर आरती से होगी। 7 दिसम्बर को रोहतासगढ़ में मुख्य कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य-संगीत, तैलचित्र प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजनों की झलक देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम में शाहाबाद की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों पर आधारित तैलचित्र प्रदर्शनी के साथ-साथ क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यंजनों जैसे बक्सर की पापड़ी, कोआथ की बेलग्रामी, चेनारी के गुड़ लड्डू, बरांव का सींघाड़ा और बेतरी का चावल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा में “महर्षि विश्वामित्र सम्मान”, राष्ट्रीय सुरक्षा में “ज्योति प्रकाश निराला सम्मान”, नृत्य कला में “बिस्मिल्लाह खान सम्मान”, पत्रकारिता में “भवानी दयाल संन्यासी सम्मान” और विशेष उपलब्धियों के लिए “वशिष्ठ नारायण सिंह सम्मान” प्रदान किए जाएंगे।
अखिलेश कुमार ने बताया कि इस बार युवाओं की टीम द्वारा “शाहाबाद गौरव यात्रा” निकाली जाएगी, जिसकी शुरुआत शेरशाह सूरी मकबरे से होगी। यह यात्रा कैमूर, बक्सर और भोजपुर के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों से होकर रोहतासगढ़ किला पर संपन्न होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से इस अभियान के तहत पटना, झारखंड और दिल्ली में भी बैठकें व सेमिनार आयोजित कर लोगों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम पर्यटन विकास के कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। रोहतासगढ़ किला, तुतला भवानी, दुर्गावती जलाशय, मांझर कुंड, मुंडेश्वरी धाम, बक्सर और जगदीशपुर जैसे स्थलों पर कार्यों में तेजी आई है।
मौके पर विधायक विजय मंडल, आयोजन समिति के संजय पासवान, समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता जीएम अंसारी, राजद जिलाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर, समाजसेवी ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, राजद नेता विमल सिंह और मुखिया राजू यादव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: टीपू सुलतान






