भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद: किसानों का प्रक्षेत्र भ्रमण सफल /हिंदी पखवाड़ा अंतर्गत अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित

गया/ पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। गया ज़िले के टेकारी प्रखंड के गुलेरियाचक स्थित परियोजना स्थल पर लगभग 50 किसानों ने धान परती प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत धान की सीधी बुआई उत्पादन प्रणाली की सफलताओं का अवलोकन किया। ये किसान टनकुप्पा प्रखंड के गजाधरपुर गाँव से पहुँचे थे।

इसके बाद किसानों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के सबजपुरा प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने दीर्घकालीन प्रयोगों के तहत धान की सीधी बुआई उत्पादन परीक्षणों को देखा और संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया। साथ ही किसानों ने समेकित कृषि प्रणाली मॉडल, पोषण वाटिका और अन्य प्रगतिशील शोध गतिविधियों को भी नजदीक से समझा।

इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों ने गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में अपने खेतों में इन नवाचारी तकनीकों को अपनाने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि धान परती प्रबंधन के तहत धान की सीधी बुआई, धान आधारित प्रणालियों के सतत गहनीकरण, संसाधन दक्षता और किसानों की आय वृद्धि के लिए बेहद उपयोगी है।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि गया ज़िले के गजाधरपुर गाँव को हरितिकरण के लिए चयनित किया गया है, जहाँ धान की सीधी बुआई के साथ तिलहन और दलहन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत किया गया और डॉ. प्रेम कुमार सुंदरम, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. पवन जीत, डॉ. वेद प्रकाश सहित कई वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों के समर्पित प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

पटना : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा हिंदी पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आईएआरआई पटना हब में बी.एससी. कृषि द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस रोचक एवं मनोरंजक प्रतियोगिता का समन्वय एवं संचालन प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी और हिंदी अनुवादक उमेश कुमार मिश्र ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री अनिल कुमार और विजय बाबू राम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना, उनकी भाषायी अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना और हिंदी पखवाड़ा उत्सव को जीवंत बनाना था। छात्रों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया तथा सांस्कृतिक माहौल का आनंद उठाया।

विदित हो कि पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में हिंदी पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 29 सितम्बर 2025 को आयोजित होगा।

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