आधुनिक मत्स्य उत्पादन की ओर कदम: पूर्वोत्तर किसानों का नालंदा दौरा

पटना/नालंदा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों के लिए आयोजित चार दिवसीय क्षमता निर्माण एवं आदान सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत नालंदा जिले स्थित मोहनपुर मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र का प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया। यह कार्यक्रम उत्तर-पूर्वी पर्वतीय घटक कोष द्वारा समर्थित था।

संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में असम, सिक्किम, त्रिपुरा, मेघालय तथा नागालैंड के 27 प्रगतिशील किसानों एवं कृषि उद्यमियों ने सहभागिता की।मोहनपुर मत्स्य हैचरी में बीज केंद्र संचालक शिवजी ने किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन की उन्नत तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कतला, रोहू, मृगल एवं ग्रास कार्प जैसी प्रमुख प्रजातियों के प्रजनन एवं बीज उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

किसानों ने फ्राई एवं फिंगरलिंग अवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके पालन-पोषण में आवश्यक सावधानियों के बारे में सीखा। जल की गुणवत्ता, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन तथा तालाब प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष चर्चा की गई।

इस अवसर पर डॉ. बिश्वजीत देबनाथ (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. तारकेश्वर कुमार (वैज्ञानिक) एवं अमरेंद्र कुमार (तकनीकी अधिकारी) ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। यह प्रक्षेत्र भ्रमण पूर्वोत्तर के किसानों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। किसानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी उनके राज्यों में मत्स्य उत्पादन को नई दिशा देगी।

Share
  • Related Posts

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रांची। भौगोलिक सीमाएं भले ही राज्यों को अलग कर दें, लेकिन संस्कृति की जड़ें अक्सर इन सीमाओं से कहीं अधिक गहरी और व्यापक होती हैं। कुछ ऐसा ही रिश्ता है…

    Share

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    सासाराम। रोहतास जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार संचालित संपूर्ण महिला साक्षरता अभियान…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह