सासाराम (रोहतास)। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त अभिलेखीय जानकारी ने शिक्षक नियुक्ति से जुड़े एक मामले को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम/पोस्ट सासाराम निवासी संजय कुमार सिंह द्वारा मांगी गई सूचना के जवाब में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गणित विषय के शिक्षक विपिन कुमार सिंह ने वर्ष 2010 में विद्यालय में कभी योगदान नहीं किया था। विद्यालय के उपलब्ध अभिलेखों में उनके पदस्थापन अथवा योगदान से संबंधित कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में दायर एक परिवाद में यह उल्लेख किया गया था कि विपिन कुमार सिंह वर्ष 2010 में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू में पदस्थापित थे। हालांकि आरटीआई के तहत प्राप्त उत्तर से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि यदि उन्होंने उक्त विद्यालय के नाम अथवा उससे संबंधित किसी दस्तावेज के आधार पर जगजीवन राम उच्च विद्यालय, राजपुर में नियुक्ति अथवा योगदान प्राप्त किया, तो उसका आधार क्या था।
संजय कुमार सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान यह सत्यापित किया जाना चाहिए कि कहीं नियुक्ति, पदस्थापन अथवा सेवा लाभ प्राप्त करने के लिए उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू के नाम पर किसी फर्जी अथवा भ्रामक दस्तावेज का उपयोग तो नहीं किया गया।
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की कूटरचना, जालसाजी, मिथ्या अभिलेख अथवा फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि विपिन कुमार सिंह, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलौथू में पदस्थापित शिक्षिका संगीता कुमारी के सगे भाई हैं। मामले को लेकर प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से पारदर्शी जांच कर सत्य तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
- रिपोर्ट : टिपु सुलतान



