
डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू), जमुहार के देवमंगल सभागार में शनिवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता महाकुंभ-02 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी एवं गैर-सरकारी संस्था पथ प्रदर्शक के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
इस महाकुंभ में नेपाल और भूटान के अलावा देश के 24 राज्यों से आए लगभग 150 रक्तदान सेवा से जुड़े समाजसेवी एवं रक्तवीर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह, बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के सहायक परियोजना निदेशक डॉ. एन. के. गुप्ता, बीएचयू वाराणसी रक्त केंद्र के प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रक्त केंद्र प्रभारी डॉ. वकील अहमद, महाप्रबंधक (अस्पताल संचालन) उपेंद्र कुमार सिंह तथा पथ प्रदर्शक के सचिव बामेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने रक्तदान को सबसे अनमोल और जीवनदायी उपहार बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध होता है, तो उससे बड़ा मानवीय कार्य कोई नहीं हो सकता। रक्तदान न केवल किसी का जीवन बचाता है, बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।
वक्ताओं ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से नियमित रूप से रक्तदान अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में कभी भी किसी को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए युवाओं को अभी से स्वैच्छिक रक्तदान की आदत विकसित करनी चाहिए।
देश के विभिन्न राज्यों से आए रक्तवीरों ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वे वर्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चला रहे हैं तथा थैलेसीमिया, कैंसर एवं दुर्घटना के शिकार मरीजों सहित अन्य जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।




