जीएनएसयू में भारतीय नैतिकता और कानूनी दर्शन पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित



डेहरी- आन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वावधान में गुरुवार को “धर्म से कानून तक : भारतीय नैतिकता और कानूनी दर्शन तक की यात्रा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का प्रायोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) द्वारा किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में कुलाधिपति के सलाहकार डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कुमार आलोक प्रताप सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।


मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के तर्कशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. प्रकाश पांडेय ने कहा कि भारतीय दर्शन में नैतिकता और कानून की यात्रा धर्म की अवधारणा से प्रारंभ होकर आधुनिक संविधान और कानूनी व्यवस्था तक विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में नैतिकता और कानून अलग-अलग नहीं थे, बल्कि दोनों का आधार धर्म था, जिसका अर्थ केवल मजहब नहीं बल्कि कर्तव्य, न्याय, ब्रह्मांडीय व्यवस्था और सदाचार था। उन्होंने कहा कि राजा भी धर्म के अधीन रहता था और उसका प्रमुख दायित्व प्रजा की रक्षा तथा न्याय सुनिश्चित करना था।


डॉ. पांडेय ने कहा कि औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने भारत की विविध कानूनी परंपराओं के स्थान पर एकीकृत और धर्मनिरपेक्ष कानूनी व्यवस्था लागू की, जो भारतीय दार्शनिक आधार के बजाय पश्चिमी कानून पर आधारित थी। उन्होंने बताया कि आज संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्य भारतीय नैतिक परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं।


कार्यशाला को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. किस्मत कुमार सिंह तथा रांची विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. सविता मिश्रा ने भी संबोधित किया और भारतीय दर्शन तथा समकालीन कानूनी व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे।


कार्यक्रम के प्रारंभ में नारायण स्कूल ऑफ लॉ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार सरोज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की विषय-वस्तु प्रस्तुत की। इस अवसर पर सहायक कुलसचिव मिथिलेश कुमार सिंह, सह-प्राध्यापक डॉ. संगीता कुमारी, संकाय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि एक सच्चा खिलाड़ी वही है, जो अपनी मंजिल प्राप्त करने तक लगातार संघर्ष…

    Share

    बरूना पंचायत में विधिक और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को अधिकारों व जल बचाने का संदेश

    डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। अंकोढ़ीगोला प्रखंड के बरूना ग्राम पंचायत में नारायण स्कूल ऑफ लॉ, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के लीगल एड क्लीनिक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    बरूना पंचायत में विधिक और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को अधिकारों व जल बचाने का संदेश

    बरूना पंचायत में विधिक और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को अधिकारों व जल बचाने का संदेश

    आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा

    आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा

    माता शबरी खेल महोत्सव सीजन-5 की तैयारी को लेकर बैठक, खेल के साथ शिक्षा और दस्तावेजीकरण अभियान पर जोर

    माता शबरी खेल महोत्सव सीजन-5 की तैयारी को लेकर बैठक, खेल के साथ शिक्षा और दस्तावेजीकरण अभियान पर जोर

    भारतीय मूल्यों से वैश्विक संकटों का समाधान संभव : प्रो. विमला

    भारतीय मूल्यों से वैश्विक संकटों का समाधान संभव : प्रो. विमला

    मधुरेंद्र की अनोखी कला, मोदी के जन्मदिन पर नारियल का कलात्मक उपहार

    मधुरेंद्र की अनोखी कला, मोदी के जन्मदिन पर नारियल का कलात्मक उपहार