
दीघा (पश्चिम बंगाल)। सावन के पवित्र महीने में बिहार के चर्चित सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कला के माध्यम से विश्व शांति, प्रेम और मानवता का संदेश दिया है। पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध दीघा समुद्र तट पर उन्होंने रेत से भगवान शिव की विशाल कलाकृति तैयार की है। लगभग 20 फीट ऊंची इस कलाकृति में महादेव के विराट स्वरूप के साथ नाग देवता, शिवलिंग और भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक श्रद्धालु को बेहद कलात्मक ढंग से उकेरा गया है।
कलाकृति के सामने रेत पर “ॐ नमः शिवाय” और “प्रे फॉर वर्ल्ड पीस” लिखकर कलाकार ने दुनिया में बढ़ती हिंसा और युद्ध के बीच शांति, प्रेम, करुणा एवं भाईचारे की अपील की है। सावन की सोमवारी के अवसर पर बनाई गई यह कलाकृति दीघा तट पर आने वाले पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
सैंड आर्ट में भगवान शिव के गले में विराजमान नाग देवता को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। सनातन परंपरा में नाग भगवान शिव से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतीकों में माने जाते हैं। कलाकार ने नाग देवता को प्रकृति, आध्यात्मिकता और शिव तत्व के साथ जोड़ते हुए अपनी कलाकृति के संदेश को व्यापक स्वरूप दिया है।
कलाकृति के एक हिस्से में शिवलिंग बनाया गया है, जिसके समीप पुष्प अर्पित किए गए हैं। समुद्र तट पर रेत से निर्मित शिवलिंग श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक बनकर पूरी कलाकृति को धार्मिक भाव प्रदान करता है।
कलाकृति के अग्रभाग में एक श्रद्धालु को भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक होकर प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है। कलाकार के अनुसार यह केवल एक भक्त का चित्रण नहीं, बल्कि युद्ध और हिंसा से परेशान पूरी मानवता की ओर से शांति की प्रार्थना का प्रतीक है। इसके माध्यम से उन्होंने संदेश दिया है कि आज दुनिया को युद्ध और हिंसा के बजाय प्रेम, करुणा और शांति की आवश्यकता है।
“ॐ नमः शिवाय” आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है, जबकि “प्रे फॉर वर्ल्ड पीस” इस कलाकृति के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करता है। महादेव के विशाल स्वरूप के साथ रेत पर लिखा यह संदेश दीघा समुद्र तट पर आने वाले लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है।
कलाकृति में समुद्र की लहरों, रेत, आसमान और हरियाली के प्राकृतिक परिवेश को महादेव के विराट स्वरूप के साथ जोड़ा गया है। कलाकार ने प्रकृति को ही अपनी कला का हिस्सा बनाते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मानवता और प्रकृति दोनों की रक्षा के लिए विश्व में शांति आवश्यक है।
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले युद्ध का दर्द केवल उस देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी मानवता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के कई हिस्से युद्ध और अशांति से प्रभावित हैं। सावन की सोमवारी पर महादेव की शरण में प्रार्थना है कि दुनिया में फिर से अमन, भाईचारा और शांति स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि कला हमेशा शांति का माध्यम रही है और इस कलाकृति के जरिए उनका उद्देश्य दुनिया को युद्ध छोड़कर शांति अपनाने का संदेश देना है। उन्होंने महादेव से प्रार्थना की कि सभी देशों में शांति स्थापित हो, युद्ध समाप्त हों और मानव जीवन सुरक्षित रहे।
बिहार के रहने वाले मधुरेंद्र कुमार धार्मिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों को सैंड आर्ट के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके मधुरेंद्र ने इस बार महादेव की कलाकृति को विश्व शांति के संदेश से जोड़कर इसे मानवता के व्यापक सरोकार से जोड़ा है।
दीघा समुद्र तट पर बनी इस कलाकृति को देखने के लिए पर्यटकों और कला प्रेमियों की रुचि बढ़ रही है। महादेव का विराट स्वरूप, नाग देवता, शिवलिंग, चरणों में नतमस्तक श्रद्धालु और ‘प्रे फॉर वर्ल्ड पीस’ का संदेश मिलकर एक स्पष्ट संदेश दे रहे हैं—युद्ध नहीं, शांति चाहिए; हिंसा नहीं, मानवता चाहिए।
“ॐ नमः शिवाय… विश्व में शांति हो, मानवता की जीत हो।”





