संस्कृति के हिमायती एडीजी रामकुमार का गोरखपुर में ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन

गोरखपुर, (उत्तर प्रदेश) संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत की ओर से गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रामकुमार का ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन किया गया। आयोजन में पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय लोक संस्कृति और भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण को लेकर उनके योगदान और संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की गई।

अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत के माध्यम से देश-विदेश में पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले गौरवशाली पूर्वांचल के प्रधान संपादक एवं प्रभारी अरविंद चित्रांश ने एडीजी रामकुमार का स्वागत करते हुए कहा कि वे संस्कृति के हिमायती, समाज के सजग प्रहरी और अत्यंत व्यवहार कुशल अधिकारी हैं।

अरविंद चित्रांश ने कहा कि डीआईजी के रूप में आजमगढ़ में तैनाती के दौरान रामकुमार ने वहां की रंगमंचीय एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की थी। उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों और कला के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। संस्कृति के प्रति उनका संवेदनशील दृष्टिकोण पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करता है।

उन्होंने कहा कि ऋषियों की धरती आजमगढ़, तमसा नगरी और महायोगी गोरखनाथ की तपोभूमि पूर्वांचल की आस्था, संस्कृति और गौरव की महत्वपूर्ण पहचान हैं। यह क्षेत्र सदियों से वीरों, संतों और कर्मयोगियों का सम्मान करता आया है। ऐसे में एडीजी रामकुमार का गोरखपुर आगमन और उनका अभिनंदन पूर्वांचल की सांस्कृतिक परंपरा के सम्मान का प्रतीक है।

अरविंद चित्रांश ने कहा कि गोरखनाथ धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूर्वांचल और भोजपुरी क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है। नाथ संप्रदाय की इस प्रमुख पीठ का भारतीय योग, अध्यात्म और लोक परंपराओं में विशिष्ट स्थान है। महायोगी गोरखनाथ की तपस्या से जुड़ी इस पावन भूमि पर मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला खिचड़ी मेला भी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान रखता है।

उन्होंने कहा कि गोरखनाथ धाम ने योग, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति की परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह धाम पूर्वांचल की सांस्कृतिक चेतना और भारत की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पूर्वांचल की लोक संस्कृति, साहित्य, कला और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

Share
  • Related Posts

    नारायण मेडिकल कॉलेज में स्तनपान कक्ष की स्थापना, माताओं को मिला सुरक्षित और निजी स्थान

    डेहरी-आन-सोन (रोहतास )। नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से बाल रोग विभाग एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के सहयोग से विश्व स्तनपान सप्ताह…

    Share

    पाँच टीमें, एक लक्ष्य: खेत तक पहुँचेगा कृषि अनुसंधान

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में आयोजित तीन दिवसीय संस्थान अनुसंधान परिषद बैठक–2026 का शुक्रवार को समापन हुआ। 5 से 7 अगस्त तक चली बैठक में पूर्वी…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    संस्कृति के हिमायती एडीजी रामकुमार का गोरखपुर में ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन

    संस्कृति के हिमायती एडीजी रामकुमार का गोरखपुर में ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन

    नारायण मेडिकल कॉलेज में स्तनपान कक्ष की स्थापना, माताओं को मिला सुरक्षित और निजी स्थान

    नारायण मेडिकल कॉलेज में स्तनपान कक्ष की स्थापना, माताओं को मिला सुरक्षित और निजी स्थान

    पाँच टीमें, एक लक्ष्य: खेत तक पहुँचेगा कृषि अनुसंधान

    पाँच टीमें, एक लक्ष्य: खेत तक पहुँचेगा कृषि अनुसंधान

    रोहतास में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की बैठक, पर्यटन, स्वच्छता और साइबर सुरक्षा को लेकर बनी रणनीति

    रोहतास में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की बैठक, पर्यटन, स्वच्छता और साइबर सुरक्षा को लेकर बनी रणनीति

    ईओ हत्याकांड पर एनडीए नेताओं की प्रेस वार्ता, कहा- जांच को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण

    ईओ हत्याकांड पर एनडीए नेताओं की प्रेस वार्ता, कहा- जांच को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण

    दीघा तट पर रेत से साकार हुए महादेव, सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने दिया विश्व शांति का संदेश

    दीघा तट पर रेत से साकार हुए महादेव, सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने दिया विश्व शांति का संदेश