
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। प्रखंड 20-सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक बुधवार को अध्यक्ष अशोक सोनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रखंड प्रमुख मनीष कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार, एमओ खुशबू कुमारी सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान कई विभागों के संबंधित पदाधिकारियों के बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई।
बीडीओ अजीत कुमार ने कहा कि पूर्व में भी कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। सदस्यों की मांग पर उन्होंने कहा कि बैठक से अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के संबंध में वरीय अधिकारियों को लिखा जाएगा। उन्होंने बिना उचित कारण बैठक से अनुपस्थित रहने को अनुचित बताया।
बैठक में ग्रामीण स्वच्छता और नाला-नाली से जुड़ी समस्याओं पर सदस्यों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। एक सदस्य ने सखरा आंगनबाड़ी केंद्र के पास कचरा जमा होने की समस्या उठाते हुए कहा कि बच्चों को उसी कचरे के ऊपर से होकर केंद्र तक जाना पड़ता है। बड़ीहा दुर्गा मंदिर के पास एनएचएआई के नाले के टूटे होने से दुर्घटना की आशंका जताई गई। बताया गया कि लोग और पशु इसमें गिर जाते हैं।
मथुरी-लालगंज क्षेत्र में नाले के पानी की निकासी की समस्या तथा फोरलेन के नाले की ऊंचाई का मामला भी उठाया गया। वार्ड संख्या 6 जमुआर और वार्ड संख्या 9 सखरा में नाला स्लैब निर्माण, भूसौला काली मंदिर के समीप नाली निर्माण तथा बड़ीहा दुर्गा मंदिर के सामने नाली पर स्लैब निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। बीडीओ ने बताया कि नाली निर्माण के लिए लगभग छह महीने से योजना मद में राशि उपलब्ध नहीं हुई है।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार ले जाने का मामला भी सामने आया। सदस्य आनंद पांडेय ने जेम्स के पास बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार ले जाने को खतरनाक बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सदस्यों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जेई हैं, लेकिन कई स्थानों पर एक ही जेई के आने के कारण समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता। अधिकारियों के फोन नहीं उठाने की शिकायत भी की गई। इस पर बिजली विभाग के प्रोजेक्ट अधिकारी को मामले से अवगत कराने की बात कही गई।
ग्रामीण पेयजलापूर्ति की स्थिति को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई। बरांव पंचायत के मुखिया सुंतेश्वर राम ने कहा कि शिकायत के बावजूद खराब चापाकलों की मरम्मती नहीं कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दूसरे अच्छे चापाकल का फोटो भेजकर उसे मरम्मत किया हुआ बता दिया गया।
संबंधित अधिकारी ने बताया कि जिस वेंडर को काम दिया गया था, उसने स्वयं काम करने से असमर्थता जताई है, जिसके कारण उसका भुगतान रोक दिया गया है। इस पर बीडीओ ने मामले की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने को कहा। खराब चापाकलों की सूची उपलब्ध कराने की बात सीडीपीओ की ओर से भी कही गई।
20-सूत्री सदस्या सुनीता देवी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार व्यवस्था का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पोषाहार के स्थान पर बिस्कुट देकर काम चलाया जा रहा है। संबंधित अधिकारी ने राशि सहित अन्य समस्याओं की जानकारी देते हुए शिकायत के समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत सेविकाओं के करीब छह महीने से मानदेय लंबित रहने तथा कंटीजेंसी की राशि उपलब्ध नहीं होने का मामला भी उठाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे फाइलेरिया नियंत्रण अभियान की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि अभियान 21 सितंबर 2026 तक चलेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए थाना स्तर से आवश्यक पुलिस सहयोग उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। वार्ड संख्या 7, 9 और 11 में चलाए जा रहे अभियान की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा आवास योजना की प्रक्रिया, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, जनगणना नियंत्रण के लिए मिशन परिवार विकास कार्यक्रम, होटलों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराने, बरांव में कार्यरत एएनएम की ड्यूटी सासाराम के बजाय बरांव में सुनिश्चित करने तथा अनुमंडलीय अस्पताल में बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
बैठक में जीविका के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। जीविका की ओर से मॉडल स्कूल की यूनिफॉर्म के निर्माण एवं आपूर्ति का कार्य जीविका समूहों के माध्यम से कराने का प्रस्ताव रखा गया। सदस्यों ने जीविका के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में समिति के सदस्य आनंद पांडेय, कन्हैया राम, मुमताज अंसारी, उपेंद्र गुप्ता, ददन पासवान, गुड्डू पटेल, मुन्ना कुशवाहा, रविशंकर सिंह, सुनीता देवी एवं गुड़िया कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
समापन पर 20-सूत्री अध्यक्ष अशोक सोनी ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित विभागों से जनसमस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई।





