
आरा (भोजपुर)। भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर दिसंबर में आयोजित होने वाले भिखारी ठाकुर जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर रविवार को सांस्कृतिक मंच पर विशेष बैठक हुई। वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता और शोध संस्थान के संस्थापक एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह के संचालन में हुई बैठक में समारोह की रूपरेखा के साथ भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में काशी विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर और छपरा विश्वविद्यालय समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भोजपुरी की पढ़ाई बंद होने पर वक्ताओं ने चिंता और आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा के साथ लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भोजपुरी भाषा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराने तथा जयंती समारोह में विद्यालयों और महाविद्यालयों के युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए आवश्यक सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने और जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में राष्ट्रीय कल्याण समिति की अध्यक्ष पूनम सिंह, योग गुरु विक्रमादित्य, वरिष्ठ रंगकर्मी सरफराज, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार सिंह, शिक्षक मुन्ना राय, वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल कुमार सिंह, पूर्णिमा उपाध्याय, माधुरी देवी, सर्वजीत कुमार, गांधी जी समेत कई लोग मौजूद रहे।
अंत में साहित्यकार कमल सिंह के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।





