
दाउदनगर (औरंगाबाद)। भगवान प्रसाद शिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज, दाउदनगर के बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं का शैक्षणिक भ्रमण प्राचार्य डॉ. अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने गया जी के गहलौर स्थित दशरथ मांझी स्मृति स्थल और राजगीर के जू सफारी व विश्व शांति स्तूप का भ्रमण कर इतिहास, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

गहलौर में प्रशिक्षुओं ने दशरथ मांझी स्मृति स्थल का भ्रमण किया। यहां उन्हें दशरथ मांझी के संघर्ष, दृढ़ संकल्प और पहाड़ काटकर रास्ता बनाने के उनके असाधारण प्रयास की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं ने उनके जीवन से कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा ली।
इसके बाद प्रशिक्षुओं ने राजगीर जू सफारी का भ्रमण किया। यहां विभिन्न वन्यजीवों के रहन-सहन, भोजन, व्यवहार और संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि जंगलों का घटता क्षेत्र, प्राकृतिक आवासों में कमी और मानव-वन्यजीव संघर्ष वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती हैं। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने हिरण, भालू सहित विभिन्न वन्यजीवों के जीवन, रहन-सहन और प्राकृतिक परिवेश के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्हें वन्यजीवों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया गया।

प्रशिक्षुओं ने विश्व शांति स्तूप का भी भ्रमण किया। यहां भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश तथा बौद्ध दर्शन से जुड़े पहलुओं को समझने का अवसर मिला। स्तूप के शांत वातावरण और प्राकृतिक परिवेश ने प्रशिक्षुओं को मानवीय मूल्यों से परिचित कराया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने बताया कि ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अवलोकन कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ता है। भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा में नालंदा जैसे केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे ऐतिहासिक संदर्भ भावी शिक्षकों को भारतीय ज्ञान एवं शिक्षा की समृद्ध परंपरा को समझने में मदद करते हैं।
प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण प्रशिक्षुओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे उनमें अवलोकन, जिज्ञासा, नेतृत्व, सहयोग, पर्यावरणीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
भ्रमण में शिक्षक अनुप कुमार कनौजिया, अखीलेश सिघेल, राम चन्द्र यादव, निशांत कुमार, सत्या कुमारी, रंचन कुमारी, सोनाली कुमारी, विकास कुमार, रंजन कुमार, आषिश कुमार और उपेंद्र भगत सहित बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षु शामिल थे।





