कलम की कूव्वत अब दिखेगी सोन नदी अंचल के डेहरी-आन-सोन में

सोन नदी के तट पर स्थित दाउदनगर (औरंगाबाद, बिहार) के शहरवासियों ने युवा पत्रकार उपेन्द्र कश्यप को सोन तट के सबसे बड़े शहर डेहरी-आन-सोन के लिए सम्मान के साथ विदा किया। उपेन्द्र कश्यप अब डेहरी-आन-सोन में अपनी पत्रकारिता की नई पारी दैनिक भास्कर के अनुमंडल संवाददाता (प्रभारी) के रूप में शुरू कर रहे हैं।
दाऊदनगर में कूचा गली स्थित धीरज पाठक के आवास पर आयोजित विदाई समारोह में भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उपेन्द्र कश्यप ने साहस के साथ खोजी व साहित्यिक पत्रकारिता का आंचलिक प्रतिमान बनाया। भाजपा के जिला प्रवक्ता अश्विनी तिवारी ने कहा कि शहरवासियों को श्री कश्यप की कलम की बेबाक कारीगरी-जादूगरी याद रहेगी।
इस अवसर पर उपेन्द्र कश्यप ने पत्रकारिता के अपने अनुभवों को रखते हुए कहा कि वर्ष 1994 से पत्रकारिता शुरू करने का मेरा अनुभव है कि इसमें प्रशंसा के साथ विरोध भी झेलना पड़ता है। पत्रकार का काम जनता की आवाज को उठाना और उसकी प्रतिष्ठा की पहली शर्त सच के साथ होना है। पत्रकार अपने काम को करते हुए जनता के लिए एक बेहतर सूचनादााता के साथ वकील, शिक्षक और न्यायाधीश की जिम्मेदार भूमिका का भी निर्वाह करता है।
विदाई समारोह में सुरेन्द्र यादव, विवेकानन्द मिश्र, चिंटू मिश्र, अलोक दुबे, अरविन्द सिंह, अलोक दुबे, मनमोहन विश्वकर्मा, विदेश पासवान, प्रेम पाठक, दीपक मिश्र, प्रशांत गुरु, अवधेश, विपुल, प्रभात, विपुल, मनीष आदि उपस्थित थे।
पत्रकारिता के 23 साल
उपेन्द्र कश्यप ने दाऊदनगर जैसी छोटी जगह में रहकर आंचलिक पत्रकारिता को नई दिशा दी है और यह साबित किया है कि श्रम, सोच के साथ साहसपूर्ण लेखन का माद्दा हो तो छोटी जगह से भी पत्रकारिता को ऊंचाई दी जा सकती है। कश्यप ने डेहरी-आन-सोन से प्रकाशित होने वाले बहुचर्चित प्रतिष्ठित आंचलिक पत्र सोनमाटी से पत्रकारिता का प्रारंभ किया था। इसके बाद इन्होंने राष्ट्रीय नवीन मेल, प्रभात खबर, अक्षर भारत, आज और दैनिक जागरण के संवाददाता के रूप में कार्य किया। इसके साथ ही आउटलुक, न्यूज ब्रेक, लोकायत, आर्यावर्त, हिंदुस्तान में भी स्वतंत्र लेखन किया। दैनिक जागरण में पहले दैनिक कॉलम बात-बे-बात और फिर शहरनाम साप्ताहिक कॉलम का लेखन किया। दाउदनगर की जिउतिया सांस्कृतिक पंरपरा (लोकोत्सव) को प्रतिष्ठित करने की सकारात्मक कोशिश की और इस ओर नेशनल-इंटरनेशनल मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। इन्होंने औरंगाबाद जिला में पहली बार तस्वीरों के साथ नक्सल आंदोलन की राजनीतिक संस्कृति को सामने लाने का काम किया। दाऊदनगर से संबंधित संदर्भ पुस्तक उत्कर्ष (दो अंक-खंड) और संस्कृति का वाहक दाउदनगर शीर्षक से स्थानीय इतिहास का लेखन-प्रकाशन इनकी पत्रकारिता का उल्लेखनीय कार्य रहा है।

-सोनमाटी समाचार

Share
  • Related Posts

    ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन की 36 मांगों को लेकर प्रदर्शन

    डेहरी- ओन-सोन (रोहतास)- कार्यालय प्रतिनिधि। रेलवे कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और अधिकारों को लेकर सोमवार को डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन परिसर में कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध जताया। ऑल…

    Share

    सिक्किम के किसानों के लिए पटना में समेकित कृषि प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण

    पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। जैविक खेती के लिए देशभर में पहचान रखने वाले सिक्किम राज्य के लघु एवं सीमांत किसानों के कौशल विकास और क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से भारतीय कृषि…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन की 36 मांगों को लेकर प्रदर्शन

    ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन की 36 मांगों को लेकर प्रदर्शन

    सिक्किम के किसानों के लिए पटना में समेकित कृषि प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण

    सिक्किम के किसानों के लिए पटना में समेकित कृषि प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण

    नारायण युवोत्सव-2026: प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा का उत्सव संपन्न

    नारायण युवोत्सव-2026: प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा का उत्सव संपन्न

    योग और स्वास्थ्य के संदेश के साथ गांधी जी को दी गई श्रद्धांजलि

    यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संकल्प, सासाराम की सड़कों पर उतरे बच्चे

    यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संकल्प, सासाराम की सड़कों पर उतरे बच्चे

    नारायण युवोत्सव–2026: महिला वॉलीबॉल में कृषि संस्थान ने रचा इतिहास

    नारायण युवोत्सव–2026: महिला वॉलीबॉल में कृषि संस्थान ने रचा इतिहास