
पटना/पूर्वी चंपारण। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना की ओर से ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत बुधवार को पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड की जसौली पंचायत के बंगरा गांव में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 102 किसानों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें 35 महिलाएं शामिल थीं।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को फसल प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के फसल अनुसंधान प्रभाग के प्रमुख डॉ. संजीव कुमार ने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, समेकित कृषि प्रणाली और फसल विविधीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अभिषेक कुमार ने कृषिवानिकी के महत्व, इसके लाभ तथा कृषि प्रणाली में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। वहीं, डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता की जानकारी दी।
कार्यक्रम के आयोजन में कृषि विज्ञान केंद्र, पीपराकोठी का सराहनीय योगदान रहा। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कृषि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा फसल उत्पादन को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।





