
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुसहर जाति की बुनियादी समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी करने का भरोसा दिया है। ‘माता शबरी संघर्ष समिति’ की ओर से आरा में आयोजित महाधरना से संबंधित नौ सूत्री मांग-पत्र पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने मांगों पर विचार करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश जारी करने तथा सभी जिलों तक आवश्यक दिशा-निर्देश पहुंचाने का आश्वासन दिया।
मुसहर जाति अनुसूचित जाति के अंतर्गत आने वाला एक ऐसा समुदाय है, जो आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। मांग-पत्र में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बिहार में मुसहर समुदाय की आबादी 42 लाख से अधिक है, लेकिन इनमें मात्र 98 हजार लोग मैट्रिक पास हैं। समुदाय के 98 प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय और रसोई गैस की सुविधा नहीं है। राज्य की आबादी में तीन प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के बावजूद सरकारी निम्नवर्गीय सेवाओं में इस समुदाय की भागीदारी मात्र 0.75 प्रतिशत बताई गई है।
मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 80 प्रतिशत से अधिक परिवारों के आवास जर्जर एवं अपूर्ण हैं तथा 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे स्कूल छोड़ने की समस्या से प्रभावित हैं।
नौ सूत्री मांगों में शिक्षा, आवास और रोजगार पर जोर
माता शबरी संघर्ष समिति की प्रमुख मांगों में मुसहर जाति को विशेष श्रेणी का दर्जा देना तथा समुदाय की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का आकलन करने के लिए ‘मुसहर जाति आयोग’ का गठन करना शामिल है।
इसके अलावा मुसहर समुदाय की शिक्षा और रोजगार के लिए विशेष अभियान चलाने, जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए विशेष निर्देश जारी करने तथा आधार, राशन, आयुष्मान और लेबर कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
समिति ने सभी मुसहर बस्तियों में पेयजल, शौचालय, सामुदायिक भवन और पहुंच पथ की व्यवस्था करने, आवासविहीन परिवारों को आवासीय भूमि या अपार्टमेंट निर्माण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने तथा जर्जर और अपूर्ण आवासों का जीर्णोद्धार एवं निर्माण पूरा कराने की मांग भी रखी।

इसके साथ ही मुसहर समुदाय के सभी परिवारों को उज्ज्वला योजना से जोड़ने तथा राज्य और केंद्र सरकार की चतुर्थ श्रेणी की सेवाओं में मुसहर युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री को भेंट कीं दो पुस्तकें
इस अवसर पर डॉ. भीम सिंह भवेश ने मुख्यमंत्री को अपनी दो पुस्तकें ‘सान्निध्य का संस्मरण’ और ‘हाशिए पर हसरत’ भेंट कीं।
शिष्टमंडल में माता शबरी संघर्ष समिति के धरमु राम, लाल बिहारी राम, भरत कुमार, जय किशुन राम और विकास कुमार शामिल थे।





