किसानों की जरूरतों पर आधारित हो कृषि अनुसंधान : डॉ. जाट

पटना – कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एम. एल. जाट ने शुक्रवार को आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना का दौरा किया और संस्थान की बहुआयामी प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान किसानों की मांग और क्षेत्रीय आवश्यकताओं पर आधारित होना चाहिए।

उन्होंने संस्थान की प्रगतिशील अनुसंधान, शिक्षा और प्रसार गतिविधियों की समीक्षा की और दो महत्वपूर्ण सुविधाओं — बहुपयोगी विक्रय केंद्र तथा जलवायु-अनुकूल कृषि अनुसंधान के लिए ओपन टॉप चैम्बर का उद्घाटन किया। डॉ. जाट ने संस्थान के विभिन्न प्रायोगिक प्रक्षेत्रों, प्रयोगशालाओं, पशुधन प्रक्षेत्र एवं मात्स्यिकी अनुसंधान इकाइयों का अवलोकन किया और पूर्वी भारत की जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप संसाधन दक्ष कृषि मॉडल को विविधीकृत एवं सुदृढ़ करने के प्रयासों की सराहना की।

डॉ. जाट ने कहा कि पूर्वी भारत संभावनाओं से परिपूर्ण है, किन्तु यह चुनौतिपूर्ण क्षेत्र है और इस क्षेत्र के लिए भविष्य के अनुसंधान क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिनमें प्रमुख हैं: धान-परती भूमि प्रणाली का सघनीकरण, उपयुक्त फसल किस्मों और प्रबंधन पद्धतियों के साथ प्राकृतिक खेती मॉडल का मानकीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि को अपनाना, ओपन टॉप चैम्बर और रेनआउट शेल्टर जैसी उन्नत संरचनाओं का बेहतर उपयोग।
उन्होंने धान-परती क्षेत्रों में मिट्टी की नमी का उपयोग करते हुए एयर-सीडिंग के लिए ड्रोन के उपयोग का परीक्षण करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने प्रचलित समेकित कृषि प्रणाली को आवश्यकता-आधारित सुदृढ़ीकरण कर अनुसंधान को माँग आधारित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने ने “एक टीम – एक कार्य” के सिद्धांत के माध्यम से जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम प्राप्त करने का आह्वान किया और “विकसित कृषि संकल्प अभियान” में संस्थान के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने किसानों के साथ भागीदारी आधारित बीज उत्पादन की आवश्यकता पर बल दिया तथा विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने हेतु समन्वित प्रयासों का आग्रह किया।


डॉ. जाट ने बिहार और पूर्वी भारत में कृषि विकास को गति देने हेतु सक्रिय हितधारक परामर्श को भी आवश्यक बताया। भ्रमण के दौरान डॉ. जाट ने ‘धान की सीधी बुआई में खरपतवार प्रबंधन’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे किसानों से भी संवाद किया और इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर संस्थान की विविध पहलुओं को प्रदर्शित करती पुस्तिका “प्रयास” का विमोचन किया गया, जो पूर्वी भारत के सात राज्यों के सीमांत किसानों तक अपनी पहुँच को रेखांकित करता है। साथ ही, इन किसानों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से आरंभ की गई एक नई पहल “कौशल से किसान समृद्धि” का शुभारंभ भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, आम की कलमकारी से संबंधित एक महिला-प्रधान कृषक उत्पादक संगठन के साथ समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, भाकृअनुप गीत और आईएआरआई -पटना हब के छात्रों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत-संगीत कार्यक्रम के साथ हुई।

संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास द्वारा स्वागत भाषण के उपरांत, संस्थान की बहुआयामी गतिविधियों एवं अनुसंधान, शिक्षा तथा प्रसार में उपलब्धियों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, अटारी, पटना; डॉ. आर.के. जाट, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया, समस्तीपुर; एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    आधुनिक मत्स्य उत्पादन की ओर कदम: पूर्वोत्तर किसानों का नालंदा दौरा

    पटना/नालंदा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों के लिए आयोजित चार दिवसीय क्षमता निर्माण एवं आदान सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत नालंदा जिले…

    Share

    जीएनएसयू में हैकाथॉन ‘संकल्प 2.0’ आयोजित, 101 टीमों ने दिखाया तकनीकी कौशल

    डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विशेष संवाददाता। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इंजीनियरिंग संकाय के अंतर्गत इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल द्वारा सोमवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    आधुनिक मत्स्य उत्पादन की ओर कदम: पूर्वोत्तर किसानों का नालंदा दौरा

    आधुनिक मत्स्य उत्पादन की ओर कदम: पूर्वोत्तर किसानों का नालंदा दौरा

    जीएनएसयू में हैकाथॉन ‘संकल्प 2.0’ आयोजित, 101 टीमों ने दिखाया तकनीकी कौशल

    जीएनएसयू में हैकाथॉन ‘संकल्प 2.0’ आयोजित, 101 टीमों ने दिखाया तकनीकी कौशल

    पटना में पूर्वोत्तर किसानों का प्रशिक्षण, समेकित कृषि के आधुनिक गुर सीखे

    पटना में पूर्वोत्तर किसानों का प्रशिक्षण, समेकित कृषि के आधुनिक गुर सीखे

    15 मार्च को होगी प्रलेस की रचना गोष्ठी

    15 मार्च को होगी प्रलेस की रचना गोष्ठी

    नवप्रवेशित छात्रों को मिला संस्थान का बैज, उत्साह के साथ हुआ स्वागत समारोह

    नवप्रवेशित छात्रों को मिला संस्थान का बैज, उत्साह के साथ हुआ स्वागत समारोह

    तालकटोरा स्टेडियम में सासाराम की शिक्षिका को राष्ट्रीय गौरव सम्मान

    तालकटोरा स्टेडियम में सासाराम की शिक्षिका को राष्ट्रीय गौरव सम्मान