गांधी जयंती पर जन सहयोग से आरा जंक्शन के गड्ढे भरने की तैयारी

  • डॉ. भीम सिंह भवेश ने रेल महाप्रबंधक को भेजा पत्र, 12 सूत्री मांगों पर 10 दिनों में कार्रवाई की मांग


आरा (भोजपुर)। आरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 1, 2, 3 और 4 पर जगह-जगह बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त सतह की मरम्मत की मांग को लेकर पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश ने पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, हाजीपुर को पत्र भेजा है। पत्र में यात्री सुविधाओं से जुड़ी 12 सूत्री मांगें रखते हुए रेल प्रशासन से 10 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की गई है।


पत्र में कहा गया है कि आरा जंक्शन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं और ढलाई में भी कई स्थानों पर गैप है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यात्री चोटिल भी हो जाते हैं। पत्र में आरा जंक्शन से प्रतिमाह करीब 10 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए यात्री सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई है।


डॉ. भवेश ने कहा है कि यदि निर्धारित अवधि में प्लेटफॉर्म की क्षतिग्रस्त सतह और गड्ढों की मरम्मत नहीं होती है तो 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के दिन जन सहयोग से गड्ढे भरने का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए रेल प्रशासन से अनुमति देने का भी आग्रह किया गया है।


पत्र में प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर निर्माणाधीन एस्केलेटर और लिफ्ट को 10 दिनों के भीतर चालू कराने की मांग की गई है। साथ ही सफाई कर्मियों की पारदर्शी निगरानी और सफाई मशीनों के संचालन की निगरानी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
इसके अलावा पुराने शेडों की मरम्मत और नए शेड के विस्तार, प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर जलापूर्ति के साथ शौचालय की व्यवस्था तथा सर्कुलेटिंग एरिया के पे-एंड-यूज शौचालय में यूरिनल की निःशुल्क सुविधा की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गई है।


एस्केलेटर या लिफ्ट बंद रहने की स्थिति में उसका कारण इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करने, स्टेशन परिसर में जल निकासी के लिए अलग नाला बनाने तथा सर्कुलेटिंग एरिया में पानी और मूत्र के बहाव को रोकने की व्यवस्था करने की मांग भी पत्र में शामिल है।


पत्र में अवैध रूप से घूम रहे जानवरों और अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई, वाहन स्टैंड एवं पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने तथा पार्किंग शुल्क की दर को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की मांग की गई है। रेल अधिकारियों से बिना किसी पूर्व सूचना और औपचारिकता के स्टेशन का औचक निरीक्षण करने का भी आग्रह किया गया है।


पत्र के अंत में सभी 12 मांगों पर 10 दिनों के भीतर त्वरित कार्रवाई करने तथा प्लेटफॉर्म की क्षतिग्रस्त सतह की मरम्मत कराने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में गांधी जयंती के दिन जन सहयोग से प्लेटफॉर्म के गड्ढे भरने के अभियान के लिए अनुमति प्रदान की जाए।

Share
  • Related Posts

    भिखारी ठाकुर रजत जयंती पर आरा में सजेगा लोक संस्कृति का मंच

    आरा (भोजपुर)। भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा से जुड़े सदस्यों की आवश्यक बैठक भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी विनोद कुमार सिंह ने की,…

    Share

    गरीब और अशिक्षितों को मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व : अरविंद दूबे

    आरा (भोजपुर)। समाज के गरीब और वंचित लोगों को शिक्षा एवं अवसरों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व है। गरीबों की न कोई जाति होती है…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    गांधी जयंती पर जन सहयोग से आरा जंक्शन के गड्ढे भरने की तैयारी

    गांधी जयंती पर जन सहयोग से आरा जंक्शन के गड्ढे भरने की तैयारी

    भिखारी ठाकुर रजत जयंती पर आरा में सजेगा लोक संस्कृति का मंच

    भिखारी ठाकुर रजत जयंती पर आरा में सजेगा लोक संस्कृति का मंच

    गरीब और अशिक्षितों को मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व : अरविंद दूबे

    गरीब और अशिक्षितों को मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व : अरविंद दूबे

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    बरूना पंचायत में विधिक और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को अधिकारों व जल बचाने का संदेश

    बरूना पंचायत में विधिक और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को अधिकारों व जल बचाने का संदेश

    आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा

    आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा