राजभाषा, साहित्य और सृजनात्मकता का मंच बना ‘विहार दर्शन’

पटना। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्री सैयद अता हसनैन ने बिहार लोक भवन में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना द्वारा प्रकाशित राजभाषा हिंदी पत्रिका ‘विहार दर्शन’ के छठे संस्करण का विमोचन किया। इस अवसर पर बिहार लोक भवन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


विमोचन के अवसर पर राज्यपाल ने राजभाषा हिंदी के व्यापक और प्रभावी प्रयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना के हिंदी संबंधी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल कार्यालयीन कार्यों की भाषा नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति, सृजन और जनसंपर्क का प्रभावी माध्यम भी है।


‘विहार दर्शन’ क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की राजभाषा पत्रिका है, जिसका प्रकाशन वर्ष 2026 में लगातार छठे वर्ष किया जा रहा है। पत्रिका का मूल नाम ‘दर्शन’ था, जिसे पांचवें संस्करण से ‘विहार दर्शन’ किया गया। ‘विहार’ शब्द के विभिन्न सांस्कृतिक और भाषायी अर्थों—विहार, आनंद, विचरण तथा बिहार की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान—को पत्रिका की रचनात्मक अवधारणा से जोड़ा गया है।


छठे संस्करण में कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित कार्यालयीन दायित्वों से अलग साहित्य, रचनात्मकता, अनुभव और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए मंच दिया गया है। इसमें पासपोर्ट सेवा दिवस, ‘नया युग का बिहार’, ‘सपनों का पासपोर्ट कार्यालय’, यात्रा-वृत्तांत, कविताएं, कहानियां सहित विभिन्न रचनात्मक और वैचारिक सामग्री प्रकाशित की गई है। भारतीय पासपोर्ट की वर्ष 1915 से वर्तमान तक की विकास-यात्रा और पासपोर्ट सेवा में हुए प्रमुख बदलावों को भी पत्रिका में शामिल किया गया है।


पत्रिका में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की उपलब्धियों और गतिविधियों का चित्रों एवं दृश्य सामग्री के माध्यम से दस्तावेजीकरण भी किया गया है। बिहार में पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार, पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप, ‘वात्सल्य’ चाइल्ड केयर रूम, राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन, राजभाषा संबंधी गतिविधियां तथा कार्यालय की सोशल मीडिया पहुंच जैसी पहलों को भी स्थान दिया गया है।


राजभाषा के क्षेत्र में कार्यालय के प्रयासों को वर्ष 2025–26 में आयोजित पूर्वी एवं पूर्वोत्तर तथा उत्तरी राज्यों के हिंदी सम्मेलन में हिंदी संबंधी कार्यों में तृतीय स्थान मिलने से भी मान्यता मिली है। पत्रिका का छठा संस्करण कार्यालय के भीतर ही संकल्पित, संकलित, संपादित और डिजाइन किया गया है। इसके निर्माण में हिंदी समिति के सदस्यों के साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक रचनात्मक सहभागिता रही।


विमोचन समारोह में पत्रिका की संरक्षिका एवं क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिज़वी, हिंदी समिति के सदस्य मोहम्मद रियाज़ नाज़मी, उप पासपोर्ट अधिकारी दिलीप कुमार, सहायक पासपोर्ट अधिकारी शंभू शरण, वरिष्ठ अधीक्षक एवं मुख्य संपादक डॉ. सज्जन कुमार, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी एवं संपादक शेखर कुमार, आशुलिपिक एवं सह-संपादक अभय प्रताप, यंग प्रोफेशनल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की ओर से राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने और कार्यालयीन कार्य-संस्कृति में हिंदी के प्रभावी उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों की कड़ी के रूप में ‘विहार दर्शन’ का छठा संस्करण सामने आया है। पत्रिका कार्यालयीन गतिविधियों के साथ हिंदी, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति को जोड़ने का प्रयास करती है।



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