
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। अंकोढ़ीगोला प्रखंड के बरूना ग्राम पंचायत में नारायण स्कूल ऑफ लॉ, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के लीगल एड क्लीनिक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में विधिक जागरूकता और जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के साथ जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान नारायण स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को सामान्य कानूनी समस्याओं, नागरिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और न्याय तक आसान पहुंच के संबंध में जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं होना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर लीगल एड क्लीनिक और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में एनएसएस के अंतर्गत ‘जल है तो कल है’ विषय पर जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के महत्व, पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संरक्षण तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग की जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान ‘जल बचाएं, जीवन बचाएं’ और ‘जल है तो कल है’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में नारायण स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणों ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाना तथा जल संरक्षण को लेकर सामुदायिक जागरूकता विकसित करना है।
कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय डॉ. सैय्यद कलीम अख्तर, समन्वयक, लीगल एड क्लीनिक एवं एनएसएस कार्यक्रम, नारायण स्कूल ऑफ लॉ, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार, के मार्गदर्शन में किया गया।





