आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा

पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में शनिवार को कृषि अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रसार की समीक्षा की गई। अपर सचिव (डेयर) एवं सचिव (आईसीएआर) ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी तथा बिहार सरकार के कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने संस्थान का दौरा कर जलवायु-अनुकूल कृषि, समेकित कृषि प्रणाली और किसान-केंद्रित नवाचारों का अवलोकन किया।

दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती के दीर्घकालिक परीक्षण, मोटे अनाज आधारित फसल प्रणालियों, स्मार्ट जल प्रबंधन इकाइयों, सौर ऊर्जा आधारित कृषि मशीनीकरण और जलवायु-अनुकूल किस्मों से जुड़ी अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने रेनआउट शेल्टर एवं ओपन टॉप चैंबर्स जैसी अनुसंधान सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।

एक और दो एकड़ के समेकित कृषि प्रणाली मॉडल तथा सूक्ष्म एवं नैनो-गृहवाटिका आधारित कृषि मॉडल को किसानों के खेतों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। पशुधन प्रक्षेत्र में ब्लैक बंगाल बकरी एवं मुर्रा भैंस के आनुवंशिक सुधार और देशी पशुधन संसाधनों के संरक्षण संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। दोनों अधिकारियों ने परिसर में पौधारोपण भी किया।

संस्थान में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान सफल किसानों ने अपनी उपलब्धियां साझा कीं। रांची की अल्बिना एक्का ने समेकित कृषि प्रणाली से लगभग 12 लाख रुपये की वार्षिक आय, जबकि रामगढ़ के रामशरण ने सब्जी उत्पादन, बकरी पालन और मछली पालन को एकीकृत कर लगभग 20 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने की जानकारी दी।

ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी ने अनुसंधान को परिणामोन्मुखी और प्रक्षेत्र-प्रासंगिक बनाने तथा वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने पर जोर दिया। प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बिहार के किसानों की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान और तकनीकी प्रसार के लिए संस्थान तथा राज्य कृषि विभाग के बीच समन्वय मजबूत करने की बात कही।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने अनुसंधान कार्यक्रमों और तकनीकी पहलों की जानकारी दी। कार्यक्रम में एक प्रकाशन का विमोचन किया गया तथा वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मियों के साथ अनुसंधान प्राथमिकताओं, निधियों के उपयोग और प्रसार गतिविधियों पर संवाद आयोजित हुआ।

Share
  • Related Posts

    रोहतास में आठ पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, छह थानों को मिले नए थानाध्यक्ष

    डेहरी ऑन-सोन (रोहतास)। रोहतास जिले में पुलिस महकमे में फेरबदल करते हुए छह थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक मिस्टर राज ने 29 अक्टूबर को…

    Share

    खेत बचाओ अभियान : प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण के लिए किसानों को किया जागरूक

    आरा (भोजपुर)। रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ रहे प्रभाव और खेती की बढ़ती लागत के बीच किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने…

    Share

    One thought on “आईसीएआर पटना में जलवायु-अनुकूल कृषि और किसान-केंद्रित अनुसंधान की समीक्षा”

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    रोहतास में आठ पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, छह थानों को मिले नए थानाध्यक्ष

    खेत बचाओ अभियान : प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण के लिए किसानों को किया जागरूक

    खेत बचाओ अभियान : प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण के लिए किसानों को किया जागरूक

    तुतला भवानी महोत्सव में सुरों और भक्ति का संगम, कल्पना पटवारी ने बांधा समां

    तुतला भवानी महोत्सव में सुरों और भक्ति का संगम, कल्पना पटवारी ने बांधा समां

    मोबाइल-बैग पर रोक से नाराज परीक्षार्थियों ने किया विरोध, पुलिस ने हटवाया जाम

    मोबाइल-बैग पर रोक से नाराज परीक्षार्थियों ने किया विरोध, पुलिस ने हटवाया जाम

    मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक कार्बन बढ़ाना जरूरी

    मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक कार्बन बढ़ाना जरूरी

    भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

    भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर