
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। आपसी समझौते से विवादों के समाधान और पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को डेहरी व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 452 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि बैंक ऋण से जुड़े मामलों में 1.57 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर समझौता हुआ। बैंकों को समझौता राशि में से 40,23,667 रुपये प्राप्त हुए।
लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर 113 आपराधिक मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से संबंधित ऋण के 339 मामलों का भी निष्पादन हुआ। बैंक ऋण मामलों में कुल 1,57,65,717 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। वहीं, वन विभाग से संबंधित मामलों में 75 हजार रुपये की राशि की वसूली की गई।
मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में पांच पीठों का गठन किया गया था। प्रथम पीठ की अध्यक्षता एसडीजेएम ऋचा कश्यप ने की, जबकि अधिवक्ता रितेश कुमार सदस्य रहे। दूसरी पीठ में सिविल जज जूनियर डिवीजन अर्चना कुमारी पीठासीन पदाधिकारी तथा अधिवक्ता अमरनाथ सिंह सदस्य थे। तीसरी पीठ की अध्यक्षता न्यायिक दंडाधिकारी कुमार नरुण ने की और अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय सदस्य रहे। चौथी पीठ में न्यायिक दंडाधिकारी तुलिका शंकर पीठासीन पदाधिकारी तथा अधिवक्ता राणा संदीप सदस्य थे। पांचवीं पीठ की अध्यक्षता न्यायिक दंडाधिकारी रवि शंकर प्रसाद ने की, जबकि अधिवक्ता रामनाथ राम सदस्य रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक, वन, माप-तौल, विद्युत, श्रम, खनन और स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैंकिंग क्षेत्र से एसबीआई डालमियानगर के मुख्य प्रबंधक रवि श्रीवास्तव, सासाराम आरबीओ के मुख्य प्रबंधक विशाल आनंद और पीबीबी डेहरी के प्रबंधक अखिलेश प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान आलोक कुमार, राकेश रंजन तिवारी, गणेश दास, अनिल कुमार, धनंजय पांडेय, प्रभाकर कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। डेहरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार, सचिव रितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने लोक अदालत के सफल संचालन में सहयोग किया।




