
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें कौशल प्रतियोगिताओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार कौशल विकास मिशन की जिला इकाई, रोहतास की ओर से गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के उद्देश्य, महत्व, विभिन्न कौशल विधाओं और भागीदारी की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान बिहार कौशल विकास मिशन की रोहतास जिला इकाई के सासाराम क्षेत्र के जिला कौशल प्रबंधक मनीष कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती हैं।
डिहरी क्षेत्र के जिला कौशल प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि यह प्रतियोगिता कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की देखरेख में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता का आयोजन जिला, राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विजेताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद वे विश्व कौशल प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस अवसर पर पुनर्वास विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. डॉ. अवनीश रंजन ने विद्यार्थियों को कौशल विकास के महत्व और रोजगारपरक प्रशिक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपनी दक्षता विकसित करना युवाओं के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार कौशल विधाओं का चयन करने तथा प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में बिहार कौशल विकास मिशन के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया। मिशन का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों के लिए तैयार करना है। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल आधारित करियर के विभिन्न अवसरों से परिचित कराया गया।




