हत्प्राण पत्रकार के आश्रितों को दस लाख मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी नौकरी दे सरकार-डब्ल्यूजेएआई

पटना ( कार्यालय प्रतिनिधि)। देश के वेब पत्रकारों के अग्रणी संगठन वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन आफ इण्डिया (डब्ल्यूजेएआई) ने शुक्रवार को बिहार के दो अलग अलग जगहों पर हुए चौथे स्तंभ पर कायराना, शर्मनाक और निन्दनीय हमलों की कड़ी निंदा की है और राज्य सरकार को अपराधियों पर त्वरित कठोर कार्रवाई के लिए 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया है। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राज्य सरकार से अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर अपनी जीरो टालरेंस की नीति पर त्वरित जमीनी कार्रवाई करने की मांग की है और विफलता की स्थिति में राज्य व्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

खबरों के अनुसार बिहार के अररिया में एक अखबार के पत्रकार की चार अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। पत्रकार की पहचान विमल कुमार यादव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, अररिया जिले के रानीगंज स्थित विमल कुमार यादव के आवास पर तड़के चार अपराधी दाखिल हुए थे। उन्होंने विमल को जगाकर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्रकार विमल को सीने में गोली मारी गई है। घटना के पीछे भाई के हत्याकांड में गवाही की बात कही जा रही है।
संगठन ने अपने आफिशियल हैंडल पर इस मामले में लिखा है कि अररिया में पत्रकार की अपराधियों द्वारा की गई जघन्य हत्या निंदनीय है।अपराधियों में कानून का डर खत्म होने लगा है। वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया राज्य सरकार से अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग करती है। पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य सरकार विफल रही है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ही अगर सुरक्षित नहीं होंगे तो फिर आम लोगों की दशा क्या होगी। डब्ल्यूजेएआई दिवंगत पत्रकार के आश्रितों को राज्य सरकार द्वारा दस लाख रुपए की आर्थिक मदद एवं परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने की मांग भी करती है।

तो वहीं समस्तीपुर में शराब माफिया द्वारा वेब पत्रकार पर हमले पर भी संगठन ने सरकार को घेरा है। समस्तीपुर में वेब पोर्टल के पत्रकार पर शराब माफिया द्वारा हमले की सूचना मिली है। वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया वेब पोर्टल के पत्रकार पर हमले की तीव्र भत्सर्ना करती है और पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ ही राज्य सरकार से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करती है। पत्रकारों पर हमले के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधियों के बीच कानून का डर खत्म हो रहा है। पुलिस महानिदेशक पत्रकारों पर हो रहे हमले को लेकर अपने अधिकारियों को आगाह करें नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द कौशल और राष्ट्रीय महासचिव अमित रंजन ने राज्य सरकार से अपने अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति को अमली जामा पहनाने की मांग की है ताकि सरकार का अखलाख कायम रह सके।

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