डेहरी में उल्लास के संग मनाया गया चित्रांशों का होली मिलन


डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-निशांत राज । रंगों की फुहार, गीतों की सरगम और अपनों के संग ठहाकों से गूंजता माहौल—कुछ ऐसा ही दृश्य रविवार की शाम नील कोठी स्थित चन्द्रराज वाटिका में देखने को मिला, जहां होली मिलन समारोह ने पूरे परिसर को उत्सवधर्मी बना दिया।
चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस पारिवारिक मिलन में डेहरी-डालमियानगर के चित्रांश परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में जुटे। शाम ढलते ही वसंती बयार और अबीर-गुलाल की रंगत ने वातावरण को होलीमय कर दिया। ललाट पर तिलक और गालों पर सजे रंगों के साथ लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी।


संगीतमय प्रस्तुति ने समारोह को खास बना दिया। गायक राजू सिन्हा की मधुर आवाज ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि गायक संजय श्रीवास्तव के बुलंद स्वर ने समां बांधे रखा। पिंटू दिलवाले, राजेश कुमार, नरेंद्र सिंह और उमेश कुमार ने भी अपने गीतों से रंगारंग माहौल में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का नेतृत्व ट्रस्ट की संस्थापक ट्रस्टी एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रागिनी सिन्हा ने किया। इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अबीर लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।


समारोह में सासाराम स्थित ताराचंडी धाम के महाराज रंजितेश ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि होली मिलन समारोह ऐसा अवसर है, जहाँ लोग आपसी रंजिशें भूलकर एक-दूसरे को आत्मसात करते हैं। विभिन्न रंगों की तरह हम सब एक होकर प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं। गले मिलकर हम केवल रंग नहीं लगाते, बल्कि एक-दूसरे के हृदय में उतरते हैं।

रंग और पारंपरिक व्यंजनों की मिठास के बीच कार्यक्रम सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा (वरिष्ठ मनोचिकित्सक) ने किया।

मौके पर कोषाध्यक्ष राजीव रंजन (सनबीम स्कूल), कार्यकारी अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मिथिलेश कुमार सिन्हा, सचिव बरमेश्वरनाथ उर्फ काली बाबू (पूर्व वार्ड पार्षद), उपाध्यक्ष विकास कुमार सिन्हा, प्रो. रणधीर सिन्हा, संयुक्त सचिव आलोक श्रीवास्तव (अभियंता), संगठन सचिव ओमप्रकाश कमल (अधिवक्ता), कार्यकारी सदस्य अमित वर्मा, मनोज कुमार श्रीवास्तव, मनीष सिन्हा, अभिजीत प्रकाश सिन्हा, मनीष कुमार वर्मा, निशांत कुमार, मनीष कुमार, अमन वर्मा, ध्रुव राज, सोनू श्रीवास्तव, अभिषेक सिन्हा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। महिलाओं में संवेदना न्यूरोसाइकिएट्रिक रिसर्च प्रा. लिमिटेड की निदेशक डा. मालिनी राय, प्राचार्य अनुभा सिन्हा (सनबीम स्कूल), रत्ना सिन्हा, अधिवक्ता अनीशा अनुराधा, राजकुमारी देवी, प्रभा सिन्हा, विभा सिन्हा, श्वेतमा सिन्हा, पिंकी सिन्हा, पूनम सिन्हा, सुजाता सिन्हा के साथ सासाराम से सीपू श्रीवास्तव, रजनीश वर्मा सहित बड़ी संख्या में चित्रांश परिवार मौजूद थे।
कार्यक्रम का संयोजन बरमेश्वरनाथ काली बाबू, श्रवण कुमार अटल, आलोक श्रीवास्तव और ओमप्रकाश कमल ने संयुक्त रूप से किया।

Share
  • Related Posts

    प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

    प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। शहर के साहित्यिक जगत के लिए गर्व की बात है कि तीन वरिष्ठ लेखकों को CBSE बोर्ड आधारित कक्षा 9 की व्याकरण पुस्तक ‘किंशुक हिंदी व्याकरण’ में…

    Share

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। कुंवर राणा सामाजिक कल्याण संस्था की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आयोजित की गई, जिसमें संस्था के लोकतांत्रिक ढांचे को सुदृढ़ करते हुए नई कार्यसमिति का…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह

    आजमगढ़ की तान्या श्रीवास्तव ने फैशन डिजाइनिंग में बनाया नया मुकाम, ट्विंकल खन्ना भी हुईं प्रभावित

    आजमगढ़ की तान्या श्रीवास्तव ने फैशन डिजाइनिंग में बनाया नया मुकाम, ट्विंकल खन्ना भी हुईं प्रभावित

    आरा में गूंजा चईत गायन, भिखारी ठाकुर की परंपरा को मिला नया स्वर

    आरा में गूंजा चईत गायन, भिखारी ठाकुर की परंपरा को मिला नया स्वर

    पौध आधारित भोजन से स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण संभव: जीएनएसयू वेबिनार में विशेषज्ञों का जोर