प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। शहर के साहित्यिक जगत के लिए गर्व की बात है कि तीन वरिष्ठ लेखकों को CBSE बोर्ड आधारित कक्षा 9 की व्याकरण पुस्तक ‘किंशुक हिंदी व्याकरण’ में स्थान मिला है। इस उपलब्धि से स्थानीय साहित्यकारों में खुशी की लहर है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सुप्रसिद्ध पाठ्य पुस्तक लेखक सर्वेश कांत वर्मा ने बताया कि इस पुस्तक में प्रयागराज की वरिष्ठ साहित्यकार जया मोहन, डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय और डॉ राम लखन चौरसिया वागीश को शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि पुस्तक की लेखिका श्रीमती वर्मा हैं, जिन्होंने इन रचनाकारों की उत्कृष्ट कृतियों को स्थान दिया है। उल्लेखनीय है कि डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय की एक रचना पूर्व में यूपी बोर्ड की कक्षा 12 की सामान्य हिंदी में भी शामिल हो चुकी है, और अब उन्हें CBSE पाठ्यक्रम में भी स्थान मिलना उनके रचनात्मक योगदान का महत्वपूर्ण सम्मान है।

इन साहित्यकारों के सम्मान में 19 अप्रैल 2026, रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे प्रयागराज के आलोपी बाग मंदिर के समीप महाराष्ट्र लोक सेवा मंडल के सभागार में अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस समारोह में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश्वर मिश्र मुख्य अतिथि होंगे, जबकि राष्ट्रीय संरक्षक डॉ बालकृष्ण पांडेय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं सर्वेश कांत वर्मा करेंगे।विशिष्ट अतिथियों में गाडरवारा (नरसिंहपुर) के साहित्यकार विजय बेशर्म एवं जबलपुर की डॉ वंदना विनम्र भी शामिल होंगी।इस अवसर पर साहित्यांजलि प्रकाशन, प्रयागराज द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। साथ ही साहित्यांजलि प्रभा से जुड़े साहित्यकारों को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।

आयोजन मंडल एवं महासंघ की प्रयागराज महानगर इकाई ने सभी साहित्यकारों, पत्रकारों एवं कवियों से इस समारोह में भाग लेने की अपील की है।

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