आरा में गूंजा चईत गायन, भिखारी ठाकुर की परंपरा को मिला नया स्वर


आरा में “भिखारी ठाकुर पारम्परिक कलाकार चईत गायन–2026” का भव्य आयोजन, कलाकारों को किया गया सम्मानि


आरा। स्थानीय सरदार पटेल बस स्टैंड परिसर में भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा द्वारा “भिखारी ठाकुर पारम्परिक कलाकार चईत गायन–2026” का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ रंगकर्मी शरफ़रज़ अहमद ने की, जबकि संचालन संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात परिसर में स्थापित भिखारी ठाकुर, बाबू ललन जी एवं उस्ताद बिस्मिल्ला खां की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।
“भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच” पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण “रखीह चरण के शरण…” से हुई, जिसे भिखारी ठाकुर के शिष्य रघु पासवान ने प्रस्तुत किया। इसके बाद व्यास कमलेश पासवान ने “राम जी के भईले जन्मवा…” गाकर चईत गायन की शुरुआत की, वहीं रघु पासवान ने “सोने के हंसुआ से नारवा कटाईल…” प्रस्तुत कर रस्म को पूर्ण किया।


चर्चित रंगकर्मी साधना श्रीवास्तव ने सोहर “जुग-जुग जीयस ललनवा…” एवं बधाई गीत “कंगन लेबो हो बबुआ के बधईयां…” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टी-सीरीज एवं रेडियो से जुड़े गायक व्यास सच्चिदानंद श्रीवास्तव ने “खेतवा में लगले कटनिया…” गाकर माहौल को और जीवंत बना दिया।
कलाकारों को संगत देने में हारमोनियम पर कमलेश पासवान, नाल पर देव मुनि पाण्डेय, ढोलक पर रामानंद पासवान, झाल पर चंद्रकांत शाह, आशीष कुमार राम, दीपावली श्रीवास्तव तथा बांसुरी-खंजड़ी पर कवि दूधेश्वर मिश्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


इस अवसर पर डॉ जया जैन, डॉ अनिल सिंह, चंद्रभूषण पाण्डेय, रंजन यादव, डॉ कुमार शीलभद्र, सुरेश भोजपुरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पटना के प्रेमचंद रंगशाला में “विदेशिया” नाटक के मंचन हेतु चयनित कलाकारों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही “रंग उर्वशी फाउंडेशन” द्वारा सभी कलाकारों को अंगवस्त्र, माला एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णा यादव “कृष्णेंदु” ने भोजपुरी संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि बाजारवाद के दौर में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।
अंत में दो मिनट का मौन रखकर जनपथ के संपादक अनंत कुमार सिंह एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


Share
  • Related Posts

    सासाराम जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

    सासाराम (रोहतास)। यात्रियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल की प्राथमिकता है। इसी क्रम में शुक्रवार को सासाराम जंक्शन पर पूर्व मध्य रेल…

    Share

    नये आयकर अधिनियम के सरलीकरण से सबको लाभ : डॉ. सुधाकर राव

    पटना। आयकर विभाग बिहार एवं झारखंड की ओर से ‘प्रारंभ-2026’ नामक मेगा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन बिहार चैंबर्स ऑफ कॉमर्स सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एक अप्रैल 2026…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    सासाराम जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

    सासाराम जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

    नये आयकर अधिनियम के सरलीकरण से सबको लाभ : डॉ. सुधाकर राव

    नये आयकर अधिनियम के सरलीकरण से सबको लाभ : डॉ. सुधाकर राव

    कृषि जागरूकता अभियान में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया जागरूक

    कृषि जागरूकता अभियान में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया जागरूक

    बिहार की राजनीति में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, बेटों को स्थापित करने की होड़

    बिहार की राजनीति में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, बेटों को स्थापित करने की होड़

    संतुलित उर्वरक उपयोग से टिकाऊ खेती पर जोर, मणिछपरा में किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

    संतुलित उर्वरक उपयोग से टिकाऊ खेती पर जोर, मणिछपरा में किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है