जीवन ज्योति डायग्नोस्टिक बेहतर स्वास्थ्य जांच सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) कार्यालय प्रतिनिधि। जीवन ज्योति डायग्नोस्टिक शहर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य जांच सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कैनाल रोड में स्थित जीवन ज्योति डायग्नोस्टिक एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य जांच और शिशु रोग संसाधन प्रदान कर रहा है। संस्था के संचालक अनिल कुमार ने बताया हैं कि एडवांस टेक्नोलॉजी पर आधारित इस संस्था में हर तरह के जांच जैसे शुगर, थायरॉइड, लिवर, कोलेस्ट्रॉल, गुर्दा के अलावा कई तरह के ब्लड और यूरिन जांच भी किए जाते हैं। साथी ही पूर्ण शरीर की जांच (फुल बॉडी चैकअप) कम लागत पर उपलब्ध है। संचालक ने बताया कि समय-समय पर डेहरी-डालमियानगर और आस-पास के इलाकों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है। संस्था के विश्वसनीयता के साथ बेहतर सुविधाओं के कारण बिहार के रोहतास, औरंगाबाद, झारखंड के पलामू और गढ़वा के मरीजों को सस्ते दर पर जांच की सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही आस-पास के शहरी और ग्रामीण इलाकों में ब्लड कलेक्शन की सुविधा भी मौजूद हैं।

जीवन ज्योति डायग्नोस्टिक के तहत जीवन ज्योति चाईल्ड केयर यूनिट का भी संचालन किया जा रहा है। जिसमें नवीनतम स्वास्थ्य सुविधाएं, सर्वोच्च स्वच्छता मानक, वर्षों के अनुभव और विशेषज्ञता वाले विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां एमबीबीएस, डीसीएच (नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ) डॉ. कुमार अभिषेक और एमबीबीएस डॉ. दिव्या शिवानी के देखरेख में ओपीडी सेवा चल रही है। संस्थान के पास नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई है जिसमें उन्नत उपकरण हैं, जिसमें उच्च आवृत्ति वाले वेंटिलेटर के साथ प्रशिक्षित नर्सो के द्वारा शिशु की देखरेख की जाती है। संचालक के अनुसार समय से पहले जन्मे और बहुत कम वजन वाले शिशुओं की अच्छी देखभाल करते हैं, जिन्हें सांस लेने में कठिनाई, संक्रमण और रक्तस्राव की संभावना बढ़ने जैसी कई समस्याएं होती हैं। जिसके लिए ऑक्सीजन, वार्मर, जॉन्डिस के ईलाज के लिए फोटोथेरेपी, जन्म के समय गंदा पानी पी लेना, नवजात बच्चों में Convulsion फरका / मिर्गी आना, सीपीएपी, नेबुलाईजर, सभी प्रकार का ब्लड जाँच, ईसीजी इसके अलावा, सभी तरह के टीकाकरण / वैक्सीनेशनन प्रदान किया जाता है। साथ ही कंगारू मदर केयर (केएमसी) तरीका से नवजात शिशुओं की देखभाल की जाती है। सांस लेने में कठिनाई वाले शिशुओं को सहारा देने के लिए उच्च आवृत्ति वेंटिलेशन सहित मैकेनिकल वेंटिलेशन की सुविधा भी यहां उपलब्ध है। 24/7 इमरजेंसी सेवाओं के साथ आपके बेहतर उपचार के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है जिसके लिए व्हाट्सएप नं. 7542998529 है।

Share
  • Related Posts

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा शुक्रवार को पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड अंतर्गत सिल्हौरी-बिल्हौरी पंचायत के सिल्हौरी गांव में “संतुलित उर्वरक उपयोग…

    Share

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। प्रसिद्ध चिकित्सक और डेहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के पर्याय माने जाने वाले डॉ. सुनील बोस का गुरुवार को गोवा स्थित उनके पुत्री के आवास पर निधन…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव