मॉक ड्रिल : आपातकालीन स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने को दी गई जानकारी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) विशेष संवाददाता। आपातकालीन स्वास्थ्य समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने एवं प्राथमिक उपचार को लेकर गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण नर्सिंग कॉलेज के तत्वावधान में एक दिवसीय मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान की प्राचार्या डॉ. के लता, उपप्राचार्या डॉ. श्वेता शर्मा और नर्सिंग फाउंडेशन विभाग की अध्यक्ष निक्की मिंज के मार्गदर्शन में उपरोक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों ने आपातकालीन स्वास्थ्य समस्याओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के दृष्टिकोण से विभिन्न प्रकार की समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु छात्रों ने अपने ज्ञान, कौशल एवं दक्षता का परिचय दिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के आपातकालीन स्थितियों को शामिल किया गया जिसमें गिर जाना, हृदयाघात होना, जल जाना, चौक हो जाना, हड्डी टूट जाना, जहर संबंधी, गंभीर घाव, कुत्ते का काटना, सांप का काटना, नाक से खून आना, अचानक बेहोश हो जाना आदि विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं पर आधारित अभ्यास किया गया। इस प्रकार के आयोजन से छात्रों के ज्ञान में काफी वृद्धि हुई। इस कार्य के लिए नर्सिंग संकाय के विभिन्न सदस्यों ने बहुत ही गंभीर तरीके से छात्रों को जानकारी प्रदान की तथा उनकी दक्षता को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सभी प्रतिभागियों को इस दौरान वास्तविक आपातकालीन स्थिति जैसी प्रशिक्षण प्रदान की गई। इस दौरान बीएससी नर्सिंग द्वितीय सेमेस्टर के छात्र प्रमुख रूप से इसमें शामिल हुए। इसमें पहले ग्रुप में चौकिंग को लेकर जानकारी दी गई जिसमें नर्सिंग ट्यूटर मिस्टर विप्लव डिंडा ने जानकारी दी। इसी प्रकार दूसरे ग्रुप में कुत्ता काटने और सांप काटने के बाद किए जाने वाले उपचार के बारे में सहायक प्राध्यापक के एच सरिता देवी ने जानकारी प्रदान की। तीसरे ग्रुप द्वारा जहर खाने को लेकर किए जाने वाले उपचार की जानकारी मिस्टर सज्जन पटेल सहायक अध्यापक के द्वारा दी गई जबकि ग्रुप चौथे में हृदयाघात के मरीज को उपचार हेतु मिस्टर विप्लव डिंडा द्वारा जानकारी प्रदान की गई। इसी प्रकार शिल्पी रानी ने गिर जाने के बाद तथा मिस्टर विक्रांत कुमार नाक से रक्त बहने को लेकर उपचार हेतु प्रशिक्षित किया। मरीज की हड्डी टूटने के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार को लेकर चांदनी कुमारी ने जानकारी प्रदान की जबकि जले हुए मरीज के उपचार हेतु मिस्टर सज्जन पटेल ने जानकारी प्रदान की। इस प्रकार घाव के उपचार में मिस्टर विक्रांत कुमार तथा बेहोशी की हालत के लिए के एच सरिता देवी ने जानकारी प्रदान की।

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