नई शिक्षा नीति- 2020 विकसित भारत के लिए एक मूल्य बोध :अरुण भगत

डेहरी-आन-सोन  (रोहतास) विशेष संवाददाता। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से विकसित भारत 2047 विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह इस विश्वविद्यालय का दूसरा आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित संगोष्ठी है जिसमें पूरे देश से 17 राज्यों के शोधकर्ताओं द्वारा अपना विचार प्रस्तुत किया जा रहा है।संगोष्ठी में चार सत्र है जिसमे लगभग 60 से अधिक शोध पत्र पढ़ें जायेंगे। समारोह का आरंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं पूर्व राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह के आशिर्वाचन से हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम के सिंह, प्रति कुलपति प्रो. जगदीश सिंह, देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव गोविंद नारायण सिंह एवं संस्था के प्रबंधक निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह एवम् सभी अधिकारियों ने इस तरह के संगोष्ठी के आयोजन को सराहा। कुलाधिपति ने कहा कि बिहार को ऐसे संगोष्ठी की बहुत जरूरत है जहां शिक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार रखी जाय।समारोह के मुख्य अतिथि एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो.अरुण भगत ने बताया कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की उन्नति की आधारशिला होती है। इस शिक्षा निति से समावेशी विकास होगा। नई शिक्षा नीति- 2020 विकसित भारत के लिए एक मूल्य बोध है। संस्कार की परिपाटी को जोड़ने की एक कड़ी है।

वहीं संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के पत्रकारिता विभाग के संकायध्यक्ष प्रो. राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि उच्च शिक्षा में इस निति से नई संभावनाएं होंगी, नए अवसर को जन्म मिलेगा और भारत 2047 का एक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा होगा।संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुमार आलोक प्रताप सिंह , वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष डॉ. आशुतोष द्विवेदी, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह, सेमिनार चेयर डॉ. संजय कुमार सिंह एवं संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के गूढ़ बातों को बताते हुए कहा कि इसके केंद्र में विद्यार्थी है जो कल भारत का भविष्य गढ़ेंगे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने भी शिक्षा नीति के महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की महत्ता पर विचार व्यक्त करते हुए कला संकाय के संकायाध्यक्ष(इंचार्ज) डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद एक मानक राष्ट्रीय संस्था है। इस संस्था के सहयोग से इस सेमिनार का आयोजन शिक्षा- क्षेत्र में पताका लहराने हेतु गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय का अहैतुक बनेगा।

पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष और सेमिनार के संयोजक डॉ. अमित कुमार सिंह ने कहा कि सेमिनार किसी भी शिक्षा की महत्वपूर्ण सीढ़ी है जिसमें ज्ञान का संचरण होता है। विश्वविद्यालय की प्रेरणा और मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था।

देश के हर कोने से जुड़े प्रतिभागी इस कार्यक्रम का साक्षी बने। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारीगण, विधि एवं कला संकाय के सभी शिक्षक, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थीगण मौजूद थे।मंच संचालन दीपशिखा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संकर्षण परिपूर्णन ने किया।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)

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