डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और वीगन आउटरीच के संयुक्त तत्वावधान में “फूड-प्लैनेट-हेल्थ” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वेदांत कुमार प्रजापति ने की।वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में वीगन आउटरीच के अभिषेक दुबे ने पौध-आधारित भोजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पशु-आधारित भोजन न केवल पर्यावरण बल्कि मानव स्वास्थ्य और जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में समय की मांग है कि लोग अधिक से अधिक पौध-आधारित आहार अपनाएं।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए जरूरी बदलाव
अभिषेक दुबे ने कहा कि जिम्मेदार उपभोग United Nations के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) का अहम हिस्सा है। उन्होंने अपील की कि लोग वीगन भोजन अपनाकर जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुकसान और भुखमरी जैसी समस्याओं को कम करने में योगदान दें।
फैक्ट्री फार्मिंग पर जताई चिंता
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. वेदांत कुमार प्रजापति ने कहा कि यह वेबिनार विद्यार्थियों को पर्यावरण-हितैषी और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने फैक्ट्री फार्मिंग के कारण तेजी से खत्म होती प्रजातियों, जंगलों की कटाई और पृथ्वी के छठे महाविनाश की आशंका पर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में भोजन और पानी जैसी मूलभूत जरूरतों का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
पौध आधारित भोजन के फायदेवक्ताओं ने बताया कि पौध-आधारित भोजन से सभी आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं और यह जीवनशैली न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है।
इस वेबिनार में विश्वविद्यालय के कई एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और करीब 500 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया।




