नारायण केयर में राखी उत्सव का आयोजन, बच्चों की बनाई राखियों की प्रदर्शनी और सम्मान

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) विशेष संवाददाता। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए संचालित नारायण केयर में गुरुवार को राखी उत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि नारायण केयर में उपचाररत विशेष बच्चों द्वारा बनाई गई हस्तनिर्मित राखियों की एक सुंदर और आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इन राखियों में बच्चों की कलात्मकता, मेहनत और संवेदनशीलता की झलक साफ़ दिखाई दी। प्रदर्शनी को उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने सराहा। राखियों के निर्माण में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ा। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और गर्व का भाव था, वह कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलाधिपति शैल सिंह ने बच्चों को पुरस्कृत किया एवं आपस में राखी बंधवा कर एक दूसरे के प्रति स्नेह और लगाव का वातावरण तैयार कर दिया। इस अवसर पर नारायण केयर के समन्वयक डॉ. अवनीश रंजन, नारायण स्कूल ऑफ़ लॉ की वरीय शिक्षिका डॉ. संगीता कुमारी, नारायण मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक डॉ. आकांक्षा कुमारी, संस्थान के सचिव गोविंद नारायण सिंह, प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के तत्वावधान में विगत वर्षों से नारायण केयर संचालित हो रहा है जहां आसपास के बच्चों के अलावा दूर दराज के बच्चे भी उपचार का लाभ उठा रहे हैं । यहां मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों को उपचार के साथ ही बोलने में हकलाने वाले एवं कम बोलने वाले बच्चों को ऑक्यूपेशनल थेरेपी तथा स्पीच थेरेपी के माध्यम से उपचार किया जाता है।

इस आयोजन को विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. जगदीश सिंह ने काफी सराहनीय कदम बताया है तथा कहा है कि ऐसे आयोजन से बच्चों का मनोबल बढ़ेगा एवं वह उत्साहित होंगे।

Share
  • Related Posts

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पटना। बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) की परियोजना समाशोधन समिति (पीसीसी) ने 23…

    Share

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    एक समय ऐसा था जब सोवियत रूस की क्रांति से हमारे स्वाधीनता सेनानी, खासकर साहित्यकार, गहरे रूप से प्रेरित होते थे। यह परंपरा लंबे समय तक फलती-फूलती रही। लेकिन 1992…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन