
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विषेश संवादाता। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में विश्व मृदा दिवस प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष के कार्यक्रम की थीम “स्वस्थ मिट्टी—स्वस्थ शहर” रखी गई, जिसके माध्यम से मिट्टी संरक्षण, पोषक तत्व प्रबंधन तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. हेमंत कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मिट्टी केवल उत्पादन का आधार ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं शहरी जीवन की गुणवत्ता से भी सीधा संबंध रखती है। इसलिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उद्यान विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. अशोक कुमार तथा पशुपालन विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरविन्द सिंह ने मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों, अवमृद्रीकरण रोकथाम तथा जैविक प्रबंधन के महत्त्व पर विस्तार से जानकारी दी। पादप कार्यिकी विभाग से डॉ. तृषा सिन्हा ने पौधों की वृद्धि और पोषक तत्व संतुलन पर मिट्टी के स्वास्थ्य की भूमिका समझाई।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शशांक शेखर सिंह ने किया, जबकि डॉ. नितेश कुमार सिंह ने स्वागत भाषण और डॉ. अरुण शंकर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर संस्थान के सभी शिक्षक और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए मिट्टी संवर्धन के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)






