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कोविड-19 टीकाकरण शुरू/ अभय-स्मृति सद्भावना सभा/ चर्चा में सिद्धेश्वर के रेखाचित्र/ अकोढ़ीगोला को राष्ट्रीय पुरस्कार

45 वर्ष से ऊपर के लिए कोविड-19 टीकाकरण शुरू

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता अर्जुन कुमार। सदर अस्पताल में 45 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के नागरिकों के लिए भी कोविड-19 से बचाव के लिए नि:शुल्क वैक्सीन लगाए जाने का कार्य 01 अप्रैल से शुरू हो चुका है। सासाराम में पांच जगहों पर कोविड-19 प्रतिरोधी वैक्सीन टीकाकरण और जांच केन्द्र सदर अस्पताल, सासाराम और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सासाराम के साथ शहरी क्षेत्र के लिए बौलिया, तकिया और सागर पर टीकाकरण केेंद्र हैं। रोहतास जिला के सिविल सर्जन सुधीर कुमार ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए सासाराम में पांच केंद्र बनाए गए हैं। कोविड-19 का वैक्सीन लगवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ लाभार्थी को अपने नाम का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वैक्सीन के पहली डोज (खुराक) के बाद दूसरी डोज (खुराक) की तिथि की सूचना लाभार्थी के के मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिये दी जाएगी। जिन बुजुर्ग के पास आधार कार्ड नहीं है तो उनके लिए वोटर आईडी कार्ड पर ही वैक्सीन देने की व्यवस्था की गई है। सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डा. केएन तिवारी ने कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट के सवाल पर जानकारी दी कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। अभी तक इसके साइड इफेक्ट के खतरा की कोई प्रमाणिक पुष्टि नहीं है। डायबिटीज के मरीज भी इसके वैक्सीन को लगा सकते हैं। हर कोई कोविड-19 का टीका ले सकता हैं। वैक्सीन को खाली पेट नहीं लेना है और वैक्सीन लेने के बाद आधा घंटा प्रतीक्षा कक्ष में आराम करना अनिवार्य है। सदर अस्पताल वैक्सीन सेंटर पर एएनएम किरण मंजूषा, सीमा वर्मा, विभा कुमारी के अनुसार, रोजाना औसतन दो सौ लोगों का टीकाकरण हो रहा है। लोग अपने नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र पर कोविड-19 वैक्सीन लगवा सकते हैं। कोविड इंजेक्शन का 0.5 एमएल की खुराक (डोज) का टीका लगाया जा रहा है। 28 दिनों के बाद और पहला डोज के 56 दिनों के भीतर कभी भी वैक्सीन का दूसरा डोज लिया जा सकता है। टीकाकरण का कार्य रोज सुबह 08 बजे से डेढ़ बजे तक और फिर दोपहर बाद 02 बजे से चार बजे चल रहा है।

पंचायती राज पुरस्कार के लिए अकोढ़ीगोला का चयन

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने उत्कृष्ट सामुदायिक कार्य के आधार पर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए बिहार के चार प्रखंडों का चयन किया है। इन चारों प्रखंडों में रोहतास जिला का अकोढ़ीगोला प्रखंड भी शामिल है, जिन्हें दीनदयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार के लिए चयन किए गए प्रखंडों में अकोढ़ीगोला के अलावा बिहार के तीन अन्य प्रखंड कुटुम्बा, इमामगंज और गया शामिल हैं। अकोढ़ीगोला प्रख्रंड के प्रखंड प्रमुख संतोष पासवान हैं, जिनके नेतृत्व में इस प्रखंड की टीम द्वारा निष्पादित कार्य को पंचायती राज के पैमाना के आधार पर अग्रणी माना गया है।

साहित्यकार अभय की स्मृति में सद्भावना सभा

सासाराम (रोहतास)-एआई अंजुम। प्रतिष्ठित कथाकार-कवि-नाट्यकर्मी स्वर्गीय अभय की स्मृति में चार अप्रैल को रोहतास पुस्तकालय, ओझा टाउन हाल में सद्भावना सभा का आयोजन पतवार के संयोजन में किया गया है। इस अवसर पर विचार गोष्ठी और मुशायरा-सह-कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया है। ‘पतवार’ पत्रिका के संपादक शैदाई के अनुसार, सद्भावना सभा में शाहाबाद प्रमंडल के चारों जिलों भोजपुर, रोहतास, बक्सर और कैमूर से साहित्यकार और साहित्यसेवी भाग लेंगे। दो कविता और तीन कहानी संग्रहों के साथ अपराध कानून पर एक किताब के रचनाकार रहे स्वर्गीय अभय (26 सितम्बर 1948-06 नवम्बर 2015) बिहार प्रगतिशील लेखक संघ के दो बार महासचिव रहे थे।

साहित्य अमृत’ और ‘आधारशिला’ में सिद्धेश्वर के 57 रेखाचित्र

पटना (निशान्त राज)। राजधानी पटना में पिछले चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय बिहार राज्य के वरिष्ठ चित्रकार, कवि, कथाकार सिद्धेश्वर जहां साहित्य-कवि गोष्ठियों के संयोजन के लिए चर्चित नाम हैं, वहीं चित्रकार के रूप में भी राज्य के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं। इनकी कविता, लघुकथा, कहानी की तरह इनके रेखाचित्र भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और प्रदर्शिनयों में लगातार स्थान पाते रहे हैं। दिल्ली से प्रकाशित साहित्य की संवाहक हिन्दी मासिक पत्रिका ‘साहित्य अमृत’ (संपादक लक्ष्मीशंकर वाजपेयी) के अप्रैल अंक में इनके एकसाथ 20 रेखाचित्रों का और देहरादून से प्रकाशित हिन्दी मासिक ‘आधारशिला’ (संपादक डा. दिवाकर भट्ट) के आलोचना विशेषांक (अप्रैल अंक) में भी 37 रेखाचित्रों का एकसाथ प्रकाशन प्रकाशन कला-जगत की एक उल्लेखनीय सामयिक घटना है। ‘साहित्य अमृत’ पत्रिका के अप्रैल अंक के चित्रकार के रूप में सिद्धेश्वर के सचित्र परिचय में बताया गया है कि पूर्व-मध्य रेल के वरीय टिकट निरीक्षक पद पर रहे (अब सेवानिवृत्त) सिद्धेश्वर राजधानी पटना के विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित रचनाकार हैं, जिनके कहानी संग्रह, लघुकथा संग्रह और कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। सिद्धेश्वर ने सोनमाटीडाटकाम को जानकारी दी कि वह अपने प्रकाशित रेखाचित्रों की कलात्मक संकल्पना को वीडियो माध्यम के जरिये अपने पाठकों-दर्शकों-श्रोताओं को बताएंगे।

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