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गडग़ड़ाते बादलों के साथ मौत की दस्तक

पटना/औरंगाबाद (विशेष प्रतिनिधि)। मानसून 10 दिनों से ठिठका हुआ है और बारिश होने का आगाज करने वाले गडग़ड़ाते बादल मौत की बिजली के साथ दस्तक दे रहे हैं। गरजने वाले बादलों ने औरंगाबाद जिले में मानसून की शुरुआत में ही दो की जान ले ली है। दो साल पहले भी इसी महीने (जून में) आकाशीय बिजली से औरंगाबाद जिले में चार लोगों की मौत हुई थी।

वज्रपात (आकशीय बिजली के गिरने) से दो युवती की मौत
औरंगाबाद जिले देव थाना के थाना मोड़ के करीब चतुर बिगहा गांव में वज्रपात से 22 जून की शाम मनोज यादव की बेटी प्रियंका कुमारी की मौत हो गई। वज्रपात (आकशीय बिजली के गिरने) के बाद उसकी चपेट में आकर गंभीर घायल हुई प्रियंका को उसके परिजन अस्पताल ले गए, पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। 22 जून को आंधी और बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ हल्की बारिश हुई थी। नवयुवती प्रियंका गांव के बधार (बाहरी हिस्से) में बारिश के सुहाने मौसम का आनंद लेने के लिए टहल रही थी कि ब्रजपात की घटना हुई। पुलिस ने युवती के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया। देव के अंचलाधिकारी के अनुसार, युवती के परिवार को नियमानुसार चार लाख रुपये मुआवजा देने की अनुशंसा की गई है।
इससे पहले औरंगाबाद जिले के खुदवा थाना के भदुआ गाव निवासी 24 वर्षीय निशा देवी की मौत भी वज्रपात गिरने से हो गई है। निशा देवी का ससुराल रफीगंज थाना के इंदरार गांव में है। ग्रामीणों के अनुसार, निशा देवी अपने घर के दरवाजे के बाहर खड़ी थी कि अचानक वज्रपात की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई ।
वर्ष 2016 में भी इसी महीने (जून में) आकाशीय बिजली गिरने से औरंगाबाद जिले के चार लोगों की मौत हुई थी।

अचानक ठिठक गया केरल से चला मानसून
केरल से चला मानसून अचानक ठिठक गया और 13 जून के बाद से आगे नहीं बढ़ा है। जून 2014 में मानसून 10 दिनों और इससे पहले जून 2010 में भी 13 दिनों तक एक ही जगह पर ठहर गया था। कर्नाटक पहुंचने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। जबकि बिहार सहित पूरे मध्य भारत में अब तक मानसून को पहुंच जाना चाहिए था। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की रफ्तार में 25 जून से तेजी आने की उम्मीद है। तब यह ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश पहुंचेगा। इस बार सागर में पैदा होने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून ने औसतन समय (एक जून) से तीन दिन पहले ही 29 मई को केरल के तट पर दस्तक दे दिया था। मगर दो सप्ताह इसके सघन बादलों की आगे बढ़ती बेहद रफ्तार धीमी हो गई।

 

दाउदनगर के निर्माता थे रामविलास सिंह : पूर्व विधायक

दाउदनगर (औरंगाबाद)- विशेष संवाददाता। दाउदनगर प्रखंड के संसा गांव स्थित रामविलाससिंह इंटर विद्यालय में आयोजित बिहार के पूर्व मंत्री स्व. रामविलाससिंह की पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए ओबरा के पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास सिंह उनके राजनीतिक गुरु थे और उनकी ही देन से वे ओबरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने थे। सत्यनारायण सिंह ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास सिंह समाज के सभी वर्गों के नेता थे और ओबरा विधानसभा क्षेत्र के विकास उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही है। उनके पदचिन्हों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विद्यालय के पूर्व सचिव दीनदयाल सिंह ने भी कहा कि स्वर्गीय रामविलास बाबू की ओबरा विधानसभा क्षेत्र के विकास में उनकी अमूल्य भूमिका रही है। दाउदनगर को अनुमंडल बनाना में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की। भाजपा के दाउदनगर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र यादव और महामंत्री रंजन कुमार वर्मा ने अनुमंडल अस्पताल दाउदनगर का नाम पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामविलास सिंह के नाम पर रखे जाने की मांग की।
इस अवसर पर स्वर्गीय रामविलास सिंह के पुत्र सुमेश सिंह, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक भगवान दास सिंह, स्टेशन मास्टर विजय प्रकाश सहित अनेक राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विद्यालय परिसर में बने उनके स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। समारोह की अध्यक्षता दीनदयाल सिंह ने की।

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