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प्रधानमंत्री की बिहार रैली : नरेन्द्रमोदी ने भोजपुरी अंदाज में कुछ यूं कहा- भारत ‘के स्वभिमान बा’ बिहार, जरूरी बा नीतीश सरकार

डेहरी-आन-सोन/सासाराम/नवादा (बिहार)-निशांत राज/अर्जुन कुमार/मनीष कुमार वर्माबिहार में 17वीं विधानसभा के निर्वाचन का सघन युद्ध लोकतंत्र के चुनावी रणक्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी की मौजूदगी से परवान चढ़ चुका है। 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती रोहतास जिला में सोन नद तट के सबसे बड़े शहर डेहरी-आन-सोन के बियाडा परिसर (सूअरा हवाई अड्डा) में एनडीए प्रत्याशियों की जीत की और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने नवादा (हिसुआ) में महागठबंधन के प्रत्याशियों की जीत की अपील की। डेहरी-आन-सोन की रैली में मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, जदयू के वरिष्ठ नेता आरके सिंह, हम के मुकेश सहनी के साथ रोहतास और औरंगाबाद के एनडीए प्रत्याशी भी दूसरे मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रभारी निवेदिता सिंह ने किया। नरेंद्र मोदी ने लोजपा और चिराग पासवान के रूख पर कोई टिप्पणी नहीं की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में माना कि केेंद्र की एनडीए सरकार के सहयोग से बिहार में बेहतर काम हुआ है। डेहरी-आन-सोन से प्रधानमंत्री गया की रैली के लिए हेलीकाप्टर से रवाना हो गए। कोरोना संकट के मद्देनजर रैली स्थल पर प्रशासन की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा गया। मंच पर जाने के लिए कोरोना टेस्ट वालों की ही अनुमति थी। मंच के सामने की कुर्सियां दूरी पर लगाई गई थीं। हालांकि इसका एक हद तक ही पालन करना संभव रह पाया। प्रधानमंत्री की रैली के मद्देनजर एक दिन पहले से ही सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान हर तरह तैनात किए गए।

अपनी बात रखने की भोजपुरी लहजे में भी की कोशिश :

(डेहरी-आन-सोन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्य के लोगों ने मन बना लिया, ठान लिया है कि वे बिहार को बीमारू बनाने वालों के साथ नहीं होंगे। स्पष्टता, साफगोई बिहारियों की विशेषता रही है। जवानों और किसानों की भूमि है बिहार। बिहार के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि गलवान घाटी संघर्ष (चीनी फौज से) में और उससे पहले पुलवामा हमले में बिहार के सपूत शहीद हो चुके हैं। मुसलमानों का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रमित करने के लिए, डराने के लिए हर चुनाव में किसी नई शक्ति के हावी होने का डर एक तबके में फैलाया जाता है, मगर भारत अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा। इसके बाद सोन नद के पश्चिमी अंचल की अग्रणी मातृ लोकभाषा भोजपुरी के लहजे में कहा, भारत के स्वभिमान बा (का स्वाभिमान है) बिहार। भोजपुरी लहजे में चुटकी भी ली- लालटेन के जमाना गइल, अब अंधेरे से उजाले के ओर बा बिहार। जहां बिजली चौबीस घंटे रहती है। कहा कि बिहार में लंबे समय तक बिजली नहीं के बराबर थी, पक्की सड़कें बेहद कम थीं। बिहार की एनडीए सरकार ने केेंद्र के सहयोग से बिजली मुहैया कराया और सड़कों का जाल बिछाया। बिहार की योजनाओं को अटकाने-लटकाने वाले लोगों ने तो बिहार को लगातार लूटा। बिहार के विश्वास को कायम नहीं रखा और सत्ता से अपनी तिजोरी भरने का काम किया। दलित मतदाताओं के मन को छूने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्गावती सिंचाई परियोजना का शिलान्यास 1976 में बाबू जगजीवन राम ने किया था, उस काम को आगे बढ़ाते हुए अब एनडीए सरकार पूरा कर रही है। दिल्ली में 2014 से पहले दस सालों तक यूपीए सरकार में बिहार की वाजिब अपेक्षा-आकांक्षा को हमेशा हाशिए पर रखा गया। अड़ंगा लगाते रहे, ताकि नीतीश कुमार की सरकार असफल हो सके। 2015 में बेशक नीतीश कुमार भाजपा के साथ नहीं थे, मगर जब एनडीए ने बिहार में काम करने के लिए नीतीश कुमार को मौका दिया तो विपक्षी बौखला गए। लालू-राबड़ी और प्रचारित जंगल राज का नाम लिए बिना ही उन्होंने गुजरे सत्ता-काल (1990-2005) की चर्चा करते हुए कहा कि आज बिहार के लोग अपने प्रदेश में बिना डरे रह सकते हैं।

पिछड़ों-दलितों का आरक्षण 10 साल बढ़ा,
सवर्ण गरीबों को भी 10 फीसदी आरक्षण :

डेहरी-आन-सोन (बिहार) के बियाडा परिसर (सूअरा हवाईअड्डा) में प्रधानमंत्री की रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि दस साल के लिए पिछड़ों-दलितों का आरक्षण बढ़ा दिया गया है। जबकि सवर्ण समाज के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया है। आज संपन्न परिवारों की तरह वंचित परिवारों की महिलाएं भी रसोई गैस से खाना बना रही हैं, उनके भी घरों में शौचालय है और उनके गरीब परिवार को साल में 05 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। यह तय है कि नल-जल योजना से बिहार के हर गांव, हर घर तक, दलितों, वंचितों, अति पिछड़ों और महादलितों के घर तक भी पानी पहुंचेगा। नरेंद्र मोदी ने बताया कि अब मातृभाषा में शिक्षा का प्रयास शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चिकित्सा, अभियंत्रण की पढ़ाई मातृभाषा में होने जा रही है। आने वाले वर्षों-दशकों में यह परिणाम रूप में सामने होगा। बिहार भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इस महत्वपूर्ण आकांक्षा को प्रस्तुत-स्वीकृत किया है। बताया कि बिना गारंटी छोटे कारोबारियों को ऋण मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड वाले 74 लाख किसान परिवारों के खातों में छह हजार करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में भेजी गई। सोन नदी पर कोईलवर पुल के समानांतर फोरलेन पुल निर्माण अंतिम चरण में है, जबिक झारखंड को जोडऩे वाला पुल बनाने की योजना प्रक्रिया में है। सासाराम में बाईपास बनेगा। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर एनडीए की नीतीश सरकार जरूरी है।

राहुल गांधी ने कहा, गरीब का पैसा हिंदुस्तान के अमीरों के खाते में गया :

(नवादा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव)

नवादा से सोनमाटी संवाददाता मनीष कुमार वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हाल में बनाये गए कृषि संबंधित नए कानूनों, जीएसटी, नोटबंदी, लाकडाउन में प्रवासी मजदूरों के पलायन आदि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई सवाल खड़े कर चुनावी प्रहार किया। उन्होंने बिहार में बेरोजगारी के मुद्दे को भी उठाया। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के समक्ष सवाल खड़ा किया कि हिन्दुस्तान की जमीन से चीन को कब भगाया जाएगा? प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमारी जमीन पर चीन का कोई सैनिक नहीं है। चीन ने हमारे 20 जवानों को शहीद किया और हमारी जमीन पर कब्जा किया, लेकिन प्रधानमंत्री के कथन से हिंदुस्तान की सेना का अपमान हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि गरीब का पैसा हिंदुस्तान के अमीरों के खाते में गया। अंबानी और अडानी के लिए नरेंद्र मोदी रास्ता साफ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले चुनाव में कहा था कि दो करोड़ लोगों को नौकरियां देंगे। क्या लोगों को नौकरियां मिलीं? केेंद्र में कांग्रेस के शासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने किसानों का 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से पूछा कि प्रदेश की भाजपा-जदयू नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सहयोग और 15 साल से सरकार के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी, रोजगार, कृषि, उद्योग में बिहार राष्ट्रीय औसत के सबसे निम्न स्तर पर क्यों है? 40 में से 39 सांसद देने वाले बिहार को बेरोजगारी के सिवाय क्या दिया गया?

संपादन : कृष्ण किसलय
रिपोर्ट/तस्वीर : निशान्त राज/अर्जुन कुमार/मनीष कुमार वर्मा, इनपुट : पापिया मित्रा

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