अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी बेहद अनोखी एवं प्रेरणादायक है – डॉ. प्रेम कुमार

पटना/गया -कार्यालय प्रतिनिधि।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), पटना एवं गया द्वारा गया कॉलेज, गया में आयोजित तीन दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी सह जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन 20 सितंबर को गया के विधायक डॉ प्रेम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर गया कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ दीपक कुमार, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल आरके सिंह, रीजनल बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गया के सचिव राजेश रंजन सहाय, केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी सह कार्यक्रम प्रमुख पवन कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय प्रचार सहायक बुलंद इकबाल, नवल किशोर झा, अमरेंद्र मोहन एवं सुदर्शन झा मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गया के विधायक डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि देश की आजादी में जिन्होंने अपनी कुर्बानियां और अपना बलिदान दिया है, उन्हें हम आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फोटो प्रदर्शनी बेहद अनोखी एवं प्रेरणादायक है। इस फोटो प्रदर्शनी में ऐसे गुमनाम नायकों के बारे में बताया गया है, जिनके बारे में हमारी नई पीढ़ी पूरी तरह अंजान है। उन्होंने कहा कि आजादी की सफल लड़ाई में युवाओं का योगदान सबसे अधिक रहा है। अमृत महोत्सव के माध्यम से हम अपने पूर्वजों एवं पुरखों को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। दुनिया के कोने-कोने में पीएम मोदी ने भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।

स्वागत संबोधन एवं विषय प्रवेश करते हुए केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पटना के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी सह कार्यक्रम प्रमुख पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि इस फोटो प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आमजनों को स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों एवं खासकर गुमनाम नायकों को याद करना है और उनके बारे में युवा पीढ़ी को अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि फोटो प्रर्दशनी में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पूरी घटना को फोटो, तिथियों एवं विवरणों के माध्यम से दर्शाया गया है। उन्होंने कहा की इस फोटो प्रदर्शनी में एक सेगमेंट बिहार के गुमनाम नायकों एवं गांधी जी के बिहार दौरे को समर्पित किया गया है। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की 8 साल सेवा, सुशासन गरीब कल्याण से जुड़ी उपलब्धियों, योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों से जुड़े पैनल भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाली फोटो प्रदर्शनी में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

गया कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ) दीपक कुमार ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को नहीं भूलना चाहिए कि हमें आजादी कैसे मिली है। हमारे आजादी के महान नायकों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने के उद्देश्य से ही अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें स्वतंत्रता सेनानियों के मूल्यों एवं विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया के कुलसचिव कर्नल आरके सिंह ने कहा कि हमारे लिए जिन लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं और जिनकी वजह से हमें आजादी मिली है, उनके बारे में बताने के लिए ही अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के मूल्यों, आदर्शों एवं उनके संदेशों को सुनना व पढ़ना चाहिए और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।

रीजनल बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गया के सचिव राजेश रंजन सहाय ने कहा कि बिहार की धरती से कई ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं, जिनके बारे में हमारी मौजूदा पीढ़ी के साथ-साथ पुराने लोग भी नहीं जानते हैं। उन स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में इस प्रदर्शनी में बताया गया, जो बेहद सराहनीय कदम है।

कार्यक्रम में विभागीय कलाकारों एवं सांस्कृतिक दल के कलाकरों द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन पर संगीत और नाटक की प्रस्तुती की गई। साथ ही जादूगर के द्वारा जादू का शो भी दिखाया गया। मौके पर छात्र-छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सही जवाब देने वाले विजेताओं को मौके पर पुरस्कृत भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के क्षेत्रीय प्रचार सहायक अमरेंद्र मोहन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय संचार ब्यूरो, गया के प्रभारी बलंद इकबाल ने किया। कार्यक्रम स्थल पर गया कॉलेज के उप-प्रधानाचार्य डॉ ब्रजभूषण प्रसाद, रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र कुमार, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय धीरज एवं अन्य प्रोफेसरों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

रिपोर्ट,तस्वीर : पीआईबी (पटना), इनपुट : निशांत राज

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