आखिर कब बनेगा रोपवे ?

– रोहतासगढ़ किला तक पहुंचने के लिए गोविंदापुर से बननी है रोपवे, रोपवे के बनने से किले का होगा विकास

– पर्यटन बढ़ने से बढ़ेगा सरकार का काफी राजस्व

रोहतासगढ़ से उपेन्द्र कश्यप

भाजपा के सांसद छेदी पासवान को नहीं मालूम है कि रोहतासगढ़ किला पर पहुंचने के लिए प्रस्तावित रोपवे के निर्माण में आखिर विलंब क्यों हो रहा है? अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वावधान में आयोजित 12 वें महोत्सव में जब वे पहुंचे तो उनसे इस संवाददाता ने सवाल किया कि रोपवे निर्माण में विलंब क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि 12 करोड़ 65 लाख रुपए केंद्र से पास करवा दिया है। पैसा बिहार सरकार को भेजवा दिया है। अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि काम क्यों नहीं हो रहा है, जबकि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। श्री पासवान ने कहा कि पहले तो महागठबंधन की सरकार थी तो बात समझ में आ रही थी, किन्तु अब तो भाजपा की ही सरकार है। अब क्यों नहीं बन रहा है, समझ में नहीं आ रहा है। वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को लेकर भी समस्या है तो वे इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार से मिले हैं।

पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण रोहतासगढ़

रोहतासगढ़ किला जाने के लिए गोविंदापुर से रोपवे का निर्माण होना है। यदि रोपवे का निर्माण होता है तो बिहार सरकार के लिए राजस्व का एक स्थायी स्थान उपलब्ध होगा। लोगों में यहां आने के लिए उत्साह बढेंगा। आज साधन के अभाव के कारण पर्यटक काफी कम संख्या में आते हैं। रोपवे 28 एकड़ क्षेत्रफल में फैला रोहतास किला तक पर्यटन और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए आना आसान होता। लोग ऐतिहासिक वैभव को देख पाते। यह दुर्ग अभेद्य और अजेय रहा है। इस कारण इसका ऐतिहासिक महत्व है। बिहार में तो ऐसा कोई किला है ही नहीं, देश में भी इतना बड़ा किला परिसर कुछ ही संख्या में हैं।

 

समस्या वाइल्ड लाइफ सेंचुरी होने की वजह से 

सांसद छेदी पासवान ने कहा कि रोहतास से तारडीह होते हुए धनसा तक सड़क किला पर अगली बार आने से पहले तक बन जानी चाहिए। कहा कि अकबरपुर से अधौरा तक सड़क बनाने का प्रयास है। वाइल्ड लाइफ सेंचुरी होने की वजह से समस्या है। पीसीसी नहीं बन सकती तो कम से कम मोरंग की सड़क बन जाये। अब इसमें कौन सा नया कानून है, क्या बाधा है, मैं नहीं जानता।

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