नई पीढ़ी को दादी-दादा की मौजूदगी को समझने की जरूरत : डा. वर्मा

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। नई पीढ़ी को अपने ग्रैंड मदर-फादर अर्थात दादी-दादा की परिवार में मौजूदगी को पूरी संवेदना के साथ समझने की जरूरत है। यह बात संतपॉल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल परिसर के प्रेक्षागृह मेंइसके जूनियर विंग (किड्सप्ले स्कूल) की ओर से आयोजित ग्रैंड पैरेंट्स-डे समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल के अध्यक्ष डा. एसपी वर्मा ने कही। सासाराम के अनुमंडलाधिकारी राज कुमार, विद्यालय के चेयरमैन डा. एसपी वर्मा, सचिव वीणा वर्मा, प्राचार्य आराधना वर्मा, लायन्स क्लब के पूर्व जिलापाल राहुल वर्मा और स्कूल के प्रबंधक रोहित वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप-प्रज्ज्वलित कर समारोह का का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नन्हें छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपने बाल सुलभ चुम्बकीय सम्मोहन से मन मोह लिया। स्कूल की ओर से समारोह में आए बुजुर्ग दम्पतियों को उपहारस्वरूप डायरी भेंट की गई।
बुजुर्ग हैं संचित ज्ञान और अनुभव के इनसाइक्लोपीडिया
अनुमंडलाधिकारी राज कुमार ने समारोह में उपस्थित स्कूली बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने बुजुर्गों से ज्ञान लेते हुए उनका सम्मान करना चाहिए। पुराने जमाने में जब छापाखाना नहींथा और पुस्तकेें-कापियां सर्वसुलभ नहींथी, तब परिवार के बुजुर्ग ही अपने उम्र के संचित ज्ञान और बटोरे गए अनुभव के साइक्लोपीडिया हुआ करते थे। बुजुर्गों के सम्मान में बच्चों के इस कार्यक्रम का संदेश निश्चित रूप से अच्छा है। विद्यालय की सचिव एवं किड्सप्ले स्कूल की प्राचार्य वीणा वर्मा ने कहा कि एक परिवार में माता-पिता की भूमिका अगर वृक्ष की तरह है तो बुजुर्ग इसकी जड़ें हैं, जिनका हर हाल में सम्मान होना ही चाहिए। स्कूल के प्रबंधक रोहित वर्मा ने कहा कि रोहतास जिला में वृद्धाश्रम नहीं होना, यह संकेत भी है कि यहां के लोग अपनी परंपरा से ही अपने बुजुर्गों का ख्याल रखना जानते हैं।
छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तु हास्य-व्यंग्य नाटक और फैशन-शो समारोह के आकर्षण
स्कूल के छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना (मां सरस्वती शारदेे…) से हुई, जिस गान पर प्राची, आद्रिका, शिवाष्मी एवं अयाना ने भाव-नृत्य किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हास्य-व्यंग्य नाटक (शट-अप) और फैशन-शो था। छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी और हिन्दी में समूह गान का सधा हुआ मंचन किया। कशिका मालवीय ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सुनीता सिंह, अर्चना बिष्ठ, लवली श्रीवास्तव, तापस सेनगुप्ता, अर्जुन कुमार आदि ने किया। समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान (जन-गण-मन…) के साथ हुआ।

(रिपोर्ट व तस्वीर : अर्जुन कुुमार)

Share
  • Related Posts

    ईओ विमल कुमार हत्याकांड पर राजद का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने गुरुवार को डेहरी में विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं…

    Share

    गुरु पूर्णिमा पर वेद व्यास जयंती समारोह में नई किरण प्रतियोगिता परीक्षा के विजेताओं का सम्मान

    डेहरी-आन-सोन (रोहतास)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान वेद व्यास ट्रस्ट, डेहरी के तत्वावधान में एनिकट स्थित भगवान वेद व्यास मंदिर परिसर में भगवान वेद व्यास पूजन सह जयंती…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    नारायण स्कूल ऑफ लॉ में पैरा-लीगल वालंटियर्स का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

    नारायण स्कूल ऑफ लॉ में पैरा-लीगल वालंटियर्स का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

    हरियाली अमावस्या पर कृषि अनुसंधान परिसर में पौधरोपण अभियान, 64 फलदार एवं बहुउद्देशीय पौधे लगाए

    हरियाली अमावस्या पर कृषि अनुसंधान परिसर में पौधरोपण अभियान, 64 फलदार एवं बहुउद्देशीय पौधे लगाए

    रेडिया शरीफ दरगाह में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, दो दिवसीय उर्स मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब

    रेडिया शरीफ दरगाह में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, दो दिवसीय उर्स मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब

    संस्कृति के हिमायती एडीजी रामकुमार का गोरखपुर में ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन

    संस्कृति के हिमायती एडीजी रामकुमार का गोरखपुर में ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ की परंपरा में अभिनंदन

    नारायण मेडिकल कॉलेज में स्तनपान कक्ष की स्थापना, माताओं को मिला सुरक्षित और निजी स्थान

    नारायण मेडिकल कॉलेज में स्तनपान कक्ष की स्थापना, माताओं को मिला सुरक्षित और निजी स्थान

    पाँच टीमें, एक लक्ष्य: खेत तक पहुँचेगा कृषि अनुसंधान

    पाँच टीमें, एक लक्ष्य: खेत तक पहुँचेगा कृषि अनुसंधान