शतरंज प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत

-डेहरी चेस क्लब की तीन दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता सम्पन्न

-खिलाडिय़ों को मिला रामनगीना प्रसाद मेमोरियल पुरस्कार

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता, 16 अप्रैल। डेहरी चेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित रामनगीना प्रसाद मेमोरियल शतरंज प्रतियोगिता-2018 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक एवं क्लब के अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने सभी शतरंज खिलाडिय़ों और आगंतुकों से आसन्न गर्मी के मद्देनजर अपने-अपने घरों में कम-से-कम चिडिय़ों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण संतुलन का और इसके संरक्षण का भी कार्य एक स्तर पर हो सके।

आज  युवाओं के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण की अधिक जरूरत

सत्यनारायण सिंह ने कहा कि आज सबसे अधिक जरूरत युवाओं के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण की है। स्वस्थ युवा से ही स्वस्थ समाज-देश का निर्माण होगा और युवा वर्ग की जागृति से ही पूरा समाज पर्यावरण की रक्षा करने की दिशा में समर्थ हो सकेगा।

समारोह का संचालन करते हुए पटना पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता एवं डेहरी चेस क्लब के संरक्षक विनय चंचल ने कहा कि बौद्धिक खेल शतरंज के लिए डेहरी चेस क्लब शहर ही नहीं, अपनी सक्रियता के लिहाज से जिले की भी एक समर्पित संस्था है, जो खेल भावना और सामाजिक सौहार्द के विस्तार में अग्रणी भूमिका के साथ शतरंज का प्रतियोगिता का आयोजन हर वर्ष करती है।

आरंभ में शतरंज प्रतियोगिता में तीन दिनों तक खिलाडिय़ों का समन्वय व निर्देशन करने वाले डेहरी चेस क्लब के संस्थापक दयानिधि प्रसाद श्रीवास्तव (भरतलाल) एवं स्वयंप्रकाश मिश्र (सुमंत) को वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण किसलय (सोनमाटी मीडिया समूह के संपादक) ने स्मृतिचिह्नï प्रदान किया।

इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र मिश्र (संवाददाता दैनिक जागरण), डेहरी चेस क्लब के संस्थापक दयानिधि प्रसाद श्रीवास्तव (भरतलाल),  डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद की सशक्त समिति के सदस्य काली प्रसाद श्रीवास्तव (नील कोठी),  सरोज उपाध्याय (लाला कालोनी), कांग्रेस नेता भोला अंसारी, अजयकुमार सिंह, साहेब सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 खिलाडिय़ों को विशेष सांत्वना पुरस्कार, प्रतिभागियों को भाग लेने का प्रमाणपत्र प्रदान किया।

शतरंज प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले पांच खिलाडिय़ों को डेहरी चेस क्लब के अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने निर्धारित पुरस्कार राशि, प्रमाणपत्र व स्मृतिचिह्नï प्रदान किया। इस अवसर पर स्वर्गीय रामनगीना प्रसाद की पत्नी हीरामुनि देवी ने भी उपस्थित रहकर खिलाडिय़ों को आशीष दिया और पुरस्कार प्रदान किया।

समारोह में अन्य खेल क्षेत्र के वरिष्ठ खिलाड़ी को सम्मानित करने की परंपरा के तहत क्लब के संरक्षक विनय चंचल (कार्यपालक अभियंता) ने इस वर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी निशांत कुमार को अंगवस्त्र, स्मृतिचिह्नï देकर सम्मानित किया।

तीन दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता के अंतर्गत डेहरी चेस क्लब के उपाध्यक्ष प्रो. रणधीर कुमार, गोपालस्वरूप तिवारी (अधिवक्ता), सचिव नंदकुमार सिंह, उप सचिव सत्यनारायण प्रसाद सोनी, कोषाध्यक्ष शंकर कुमार आदि ने अपनी-अपनी निर्धारित भूमिका का निर्वाह किया।

अंत में डेहरी चेस क्लब के सचिव नंदकुमार सिंह ने आगत अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

 

13 अप्रैल : प्रतियोगिता का पहला दिन

डेहरी चेस क्लब द्वारा तीन दिवसीय रामनगीना प्रसाद स्मृति शंतरज प्रतियोगिता 2018 पाली रोड स्थित रामकृष्णआश्रम परिसर में 13 अप्रैल को शुरू हो गई। तीन दिनों की यह प्रतियोगिता 15 अप्रैल को समाप्त होगी और उसी दिन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता का शुभारंभ स्वर्गीय रामनगीना प्रसाद की पत्नी हीरामुनि देवी और डेहरी चेस क्लब के अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह (पूर्व विधायक ओबरा विधानसभा क्षेत्र) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।
प्रतियोगिता के आरंभ होने के मौके पर डेहरी चेस क्लब के संरक्षक विनय चंचल, उपाध्यक्ष प्रो. रणधीर कुमार, गोपालस्वरूप तिवारी (अधिवक्ता), सचिव नंदकुमार सिंह, उप सचिव सत्यनारायण प्रसाद सोनी, कोषाध्यक्ष शंकर कुमार और क्लब के संस्थापक सह संयोजक दयानिधि श्रीवास्तव (भरत लाल) व स्वयंप्रकाश मिश्र (सुमंत) आदि के साथ डेहरी-डालमियानगर परिषद के वरिष्ठ वार्ड पार्षद काली प्रसाद श्रीवास्तव (नील कोठी) और सरोज उपाध्याय (लाला कालोनी) बतौर विशेष अतिथि मौजूद थे।
डेहरी चेस क्लब के संयोजक दयानिधि श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार प्रतियोगिता (रामनगीना प्रसाद मेमोरियल शतरंज प्रतियोगिता 2018) में शहर और आस-पास के दो दर्जन शतरंज खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस बार शतरंज प्रतियोगिता में अग्रणी स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं के लिए कुल 7500 रुपये की पुरस्कार राशि और ट्राफी का प्रावधान किया गया है।

पहले दिन शतरंज के विभिन्न बोर्ड (बिसात) पर शतरंज खिलाड़ी शम्भुशरण सिंह, मनोज कुमार कश्यप, सुरेन्द्र कुमार यादव, माधव मुकुन्द मिश्र, धनंजय कुमार सिंह, अरविन्द पटेल, शंकर कुमार, जगदेव प्रसाद, मुकेश कुमार, सत्यप्रकाश सिन्हा, रविकुमार सिंह, सत्यनाराणय प्रसाद, जयमंगल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, आलोक कुमार, रविकुमार मिश्र, अभिनव आनंद, शशिभूषण सिंह, गोपालस्वरूप तिवारी, दिवाकर मेहता, संदीप कुमार, रीतिक रोशन ने भाग लिया। प्रथम सत्र में शंभुशरण सिंह प्रथम वरीयता खिलाड़ी थे, जिन्होंने सफेद मोहरों से खेलकर मनोजकुमार कश्यप को हराया और पूर्ण अंक प्राप्त किया। प्रथम चक्र में ही सुरेन्द्र कुमार यादव को माधव मुकुन्द मिश्र ने पराजित किया, जबकि सुरेन्द्र कुमार यादव पिछली प्रतियोगिता के विजेता रहे हैं।

14 अप्रैल : प्रतियोगिता का दूसरा दिन

डेहरी चेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रामनगीना प्रसाद मेमोरियल शतरंज प्रतियोगिता के दूसरे दिन चौथे चक्र में मुकेश कुमार (तीन) को हराकर शंभूशरण सिंह (चार) ने शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का स्थान ग्रहण किया। शतरंज प्रतियोगिता के दूसरे बोर्ड पर धनंजय कुमार सिंह (चार) ने सासाराम के संदीप कुमार को हराया। दूसरे दिन सुरेन्द्र कुमार यादव ने पहले दिन के प्रथम चक्र की हार से उबर कर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। सुरेन्द्र कुमार यादव (तीन) ने रितीक रौशन (दो) को पराजित किया। आखिरी में शंकर कुमार ने अनुभव आनंद को, आलोक कुमार ने रविकुमार सिंह को, धर्मेन्द्र कुमार ने सत्या प्रकाश सिन्हा को और जगदेव प्रसाद ने अरविन्द पटेल को हराकर पूर्ण अंक प्राप्त किया।
इस शतरंज प्रतियोगिता के निर्देशक दयानिधि प्रसाद श्रीवास्तव (भरतलाल) एवं स्वयंप्रकाश मिश्र (सुमंत) ने बताया कि प्रतियोगिता के तीसरे दिन दो चक्र के शतरंज खेल होंगे और इसी दिन शाम में विजेता खिलाडिय़ों को पुरस्कार प्रदान करेंगे। हर वर्ष प्रतियोगिता में खेल क्षेत्र के वरिष्ठ खिलाडिय़ों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस वर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी को सम्मानित किया जाएगा।

15 अप्रैल : शतरंज प्रतियोगिता का तीसरा दिन

रामनगीना प्रसाद स्मृति शतरंज प्रतियोगिता 2018 के तीसरे दिन शीर्ष वरीयता वाले खिलाडिय़ों में शंभुशरण सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शंभुशरण सिंह ने सुरेन्द्र कुमार यादव के साथ बाजी-ड्रा खेलते हुए प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। शतरंज के दूसरे बोर्ड पर धनंजय कुमार सिंह और धर्मेन्द्र कुमार के बीच भी बाजी ड्रा रही। इस तरह दिनों में छह चक्रों की शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शतरंज के खिलाडिय़ों में शंभुशरण सिंह (छह अंक) पहले, धनंजय कुमार सिंह (5.5 अंक) दूसरे, सुरेन्द्र कुमार यादव (5 अंक) तीसरे, धर्मेन्द्र कुमार (4.5 अंक) चौथे और मुकेश कुमार (चार अंक) पांचवें स्थान पर रहे।

                                                      वेब रिपोर्ट, तस्वीर : नंदकुमार सिंह

Share
  • Related Posts

    15 जनवरी को मनाया जाएगा मकर संक्रांति : आचार्य लालमोहन शास्त्री

    सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही दान-पुण्य और स्नान का महापर्व मकर संक्रांति इस वर्ष 15 जनवरी को श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित…

    Share

    कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम पर प्रशिक्षण आयोजित

    पटना- कार्यालय प्रतिनिधि | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में शुक्रवार को “राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    15 जनवरी को मनाया जाएगा मकर संक्रांति : आचार्य लालमोहन शास्त्री

    15 जनवरी को मनाया जाएगा मकर संक्रांति : आचार्य लालमोहन शास्त्री

    कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम पर प्रशिक्षण आयोजित

    कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम पर प्रशिक्षण आयोजित

    परिवहन विभाग की योजनाओं को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी ने चलाया जन-जागरूकता अभियान

    परिवहन विभाग की योजनाओं को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी ने चलाया जन-जागरूकता अभियान

    बियाडा क्षेत्र में उद्योग वार्ता, डीएम ने उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

    बियाडा क्षेत्र में उद्योग वार्ता, डीएम ने उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

    फसल विविधीकरण कार्यक्रम में महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी, मोतिहारी में प्रक्षेत्र भ्रमण

    फसल विविधीकरण कार्यक्रम में महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी, मोतिहारी में प्रक्षेत्र भ्रमण

    आईआईएमसी की 60 साल की शैक्षणिक विरासत में नया अध्याय, पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत

    आईआईएमसी की 60 साल की शैक्षणिक विरासत में नया अध्याय, पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत