पीआईबी-सीबीसी पटना के द्वारा हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिन्दी कार्यशाला काआयोजन

हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिन्दी कार्यशाला का आयोजन

पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो एवं केन्द्रीय संचार ब्यूरो पटना के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी पखवाड़ा के तहत शुक्रवार को ‘सरकारी कार्य में हिन्दी भाषा का प्रयोग’ विषय पर आयोजित हिन्दी कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीबीसी पटना के पूर्व निदेशक दिनेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर पीआईबी के निदेशक आशीष लकड़ा और सीबीसी पटना के प्रमुख संजय कुमार उपस्थित रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दिनेश कुमार ने कहा कि हिंदी जब लिखते हैं या बोलते हैं तो व्याकरण का प्रयोग करना चाहिये।आज के दौर में व्याकारण को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी दुनिया हिंदी से जुडी हुई है। ज्यादातर संचार हिंदी में किया जाता है। हिंदी को अपनाने में संकोच नहीं करना चाहिये। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में हिंदी को सरल, सहज़ और मौलिक रूप से प्रयोग करना चाहिये और इसे बेहतर बनाने में पढ़ाई जरूरी है।

मौके पर पीआईबी के निदेशक आशीष लकड़ा ने कहा कि हिंदी पखवाड़ा या दिवस एक पर्व है जो हमें हिंदी में कार्य करने के लिये प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि अहिंदी इलाकों में भी लोग हिंदी सिखने की कोशिश करते हैं। बल्कि तेजी से हिंदी का प्रसार हो रहा है। हिंदी एक महत्वपूर्ण भाषा है जो लोगों को जोड़ता है।

केन्द्रीय संचार ब्यूरो के प्रमुख सह उपनिदेशक संजय कुमार ने कहा कि हिन्दी दिवस या पखवाड़ा के मद्देनजर हिन्दी का प्रयोग, प्रचार एवं प्रसार बढ़ाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा आम बोलचाल कि भाषा के साथ-साथ संपर्क भाषा भी है अतः इसे निसंकोच अपनाने कि जरूरत है। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये वारिष्ठ लेखा अधिकारी विजय शंकर शर्मा ने कहा कि हमें हिंदी को अपनाना चाहिए और कम से कम हस्ताक्षर हिंदी में जरूर करें।

कार्यशाला का संचालन संजय कुमार और धन्यवाद ज्ञापन सर्वजीत सिंह ने किया। मौके पर पीआईबी-सीबीसी के अधिकारियों एवं कर्मियों उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    जीएनएसयू और बिजनेस स्टैंडर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, प्रबंधन के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा

    जीएनएसयू और बिजनेस स्टैंडर्ड ने प्रबंधन के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा पर समझौते पर हस्ताक्षर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, शैक्षणिक विकास में मदद डेहरी-आन-सोन (रोहतास) विशेष संवाददाता। गोपाल नारायण…

    Share

    आईसीएआर-आरसीईआर की पहल : कंवर झील की पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन

    पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। एशिया में मीठे पानी के सबसे बड़े रामसर स्थलों में से एक कंवर झील, कुल 63,000 हेक्टेयर जल क्षेत्र में फैली हुई है। यह झील कई तरह…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जीएनएसयू और बिजनेस स्टैंडर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, प्रबंधन के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा

    जीएनएसयू और बिजनेस स्टैंडर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, प्रबंधन के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा

    आईसीएआर-आरसीईआर की पहल : कंवर झील की पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन

    आईसीएआर-आरसीईआर की पहल : कंवर झील की पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन

    बिहार बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आज से शुरू

    बिहार बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आज से शुरू

    कृषि अनुसंधान परिसर और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, एआई और आईओटी के माध्यम से स्मार्ट खेती को मिलेगा बढ़वा

    कृषि अनुसंधान परिसर और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, एआई और आईओटी के माध्यम से स्मार्ट खेती को मिलेगा बढ़वा