मशहूर शायर ज़फ़र रिज़वी काकवी की स्मृति में भव्य सेमिनार एवं काव्य पाठ का आयोजन

सासाराम (रोहतास)। मशहूर शायर और साहित्यिक संस्था इदारा-ए-फ़िक्र-ओ-नज़र के संस्थापक स्वर्गीय ज़फ़र रिज़वी काकवी की स्मृति में रविवार को सासाराम में एक भव्य सेमिनार एवं काव्य पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ज़फ़रयाब अदब इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिटरेचर के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें बिहार, झारखंड एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में कवि, शायर, साहित्यकार और श्रोता शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत फज्र की नमाज़ के बाद कुरानख़्वानी से हुई, जो सुबह 9 बजे तक चली। इसके बाद ईद मिलादुन्नबी पर विशेष तकरीर एवं नातिया कलाम पेश किए गए। गया से आए प्रसिद्ध वक्ता एवं शायर डॉ. आफताब आलम अतहर ने भक्ति और इंसानियत पर आधारित वक्तव्य प्रस्तुत किया। वहीं कुदरतुल्लाह कुदरत रांची, डॉ. तनवीर आलम, असद इमाम सासारामी एवं आफताब राणा औरंगाबाद ने नात पाक पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।

सुबह 10 बजे से आयोजित मुख्य संगोष्ठी एवं काव्य पाठ कार्यक्रम की अध्यक्षता खानकाह करीमिया अशरफिया, बैथु शरीफ गया के सज्जादा नशीन हज़रत सैयद शाह गुफरान अशरफी ने की। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन प्रसिद्ध संचालक आफताब राणा औरंगाबाद एवं खालिक परदेसी काबरी ने किया।

मुख्य अतिथि के रूप में एसएसपी जैन कॉलेज सासाराम के पूर्व प्राचार्य डॉ. गुरु चरण सिंह उपस्थित रहे। संगोष्ठी में वक्ताओं ने ज़फ़र रिज़वी काकवी के साहित्यिक योगदान, नैतिक मूल्यों और सासाराम में अखिल भारतीय मुशायरों की परंपरा को स्थापित करने में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

विशेष रूप से हज़रत गुफरान अशरफी, अबूजर हसनात कादरी शिराज़ी, आलम परवेज़, समर सासारामी, अख्तर इमाम अंजुम, डॉ. आफताब आलम अतहर, आफताब राणा, सरोज कुमार पंकज, यासुब रज़ा और हामिद अली कायद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ज़फ़र रिज़वी काकवी ने सासाराम को राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

संगोष्ठी के बाद आयोजित काव्य पाठ में डॉ. गुरु चरण सिंह, हज़रत गुफरान अशरफी, कुदरतुल्लाह कुदरत रांची, गुलाम मुस्तफा मुज़्तर मीरपुर, डॉ. महाब आलम मेहताब, आफताब राणा, डॉ. आफताब आलम अतहर, खालिक परदेसी काबरी, इकबाल दानिश कैमूरी, आलम परवेज़, शब्बीर सासारामी, अख्तर इमाम अंजुम, सरोज कुमार पंकज, जिया सासारामी, हसन इमाम, मतीन सासारामी, प्रोफेसर समर सासारामी, मुमताज फरीदी, मुबीन सासारामी एवं डॉ. तनवीर आलम सहित कई कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से डॉ. मेराजुल इस्लाम, एसएम जमशेद रिज़वी, गुलाम सरवर जहानाबादी, फैयाजुद्दीन खान एडवोकेट, इकबाल अहमद, फैज़ दरवेश अशरफ, डॉ. खुर्शीद अनवर अल्वी, शहजाद एडवोकेट, डॉ. फहीमुद्दीन अहमद, इंतखाब आलम, शकील अहमद, डॉ. मिसबाहुद्दीन, हाफिज मोअज्जम हुसैन, सोहेल अख्तर, आसिफ इकबाल, अशफाक अहमद, फरहान अहमद, मुनव्वर मिनहाज, खुर्शीद आलम, वहदत इमाम, यामीन अहमद शादमान, जमाल अहमद, मुहम्मद मंजर, अल्ताफ अहमद समेत कई लोग मौजूद रहे।

  • रिपोर्ट, तस्वीर : टिपु सुलतान
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