
गया जी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की ओर से बिहार के गया जी जिले के खिजरसराय में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र (टेक्नोलॉजी सेंटर) की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ हुआ। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार सरकार के मंत्री, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिहार और पड़ोसी राज्यों के उद्योगों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी केंद्र केवल बिहार ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को भी तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में प्रौद्योगिकी आधारित केंद्रों की स्थापना कर औद्योगिक विकास और कौशल विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गया जी में इस केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र में प्रतिवर्ष लगभग 7,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

एमएसएमई क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव : सम्राट चौधरी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसएमई मंत्रालय रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में ऐसे आधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को रोजगार, तकनीकी शिक्षा और नवाचार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बिहार के युवाओं से कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

सामान्य इंजीनियरिंग और वस्त्र परीक्षण की आधुनिक सुविधाएं
एमएसएमई मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा ने बताया कि मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रौद्योगिकी केंद्र एवं विस्तार केंद्र स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पटना में हाल ही में टेक्नोलॉजी सेंटर शुरू किया गया है और अब गया जी में भी यह महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की जा रही है।
एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने जानकारी दी कि खिजरसराय स्थित इस प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इसमें 86 करोड़ रुपये सिविल कार्यों तथा 84 करोड़ रुपये संयंत्र एवं मशीनरी पर खर्च किए जाएंगे।
यह केंद्र सामान्य अभियांत्रिकी, भारी अभियांत्रिकी तथा वस्त्र परीक्षण जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहायता, परीक्षण सुविधाएं और कौशल विकास सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

दक्षिणी बिहार के एमएसएमई को मिलेगा बड़ा सहारा
यह प्रौद्योगिकी केंद्र गया जी, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, जहानाबाद और मुंगेर जिलों के एमएसएमई उद्यमों को सेवाएं प्रदान करेगा। इससे स्थानीय उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
केंद्र का लक्ष्य उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से हर वर्ष 7,000 युवाओं को प्रशिक्षित करना है। साथ ही टूलिंग सेवाओं और रोजगार सहायता के जरिए प्रतिवर्ष 1,000 से अधिक स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को सहयोग प्रदान किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह केंद्र दक्षिणी बिहार में औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता है और ऐतिहासिक मगध क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।




