कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम पर प्रशिक्षण आयोजित

पटना- कार्यालय प्रतिनिधि | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में शुक्रवार को “राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सेवा भाव, कार्य के प्रति जिम्मेदारी और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार मॉड्यूल्स पर आधारित था, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक कार्य—चाहे वह छोटा हो या बड़ा—नागरिकों के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है। कार्यक्रम का फोकस केवल औपचारिक प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर सेवा भाव, स्वधर्म और कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाना था। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों की मॉड्यूल्स संबंधी समझ का मूल्यांकन भी किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नचिकेत कोटवालिवाले, निदेशक, केंद्रीय कटाई उपरान्त अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, लुधियाना ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभावी सार्वजनिक सेवा के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, ईमानदारी और नागरिकों के कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों की मानसिकता, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ कर उन्हें नई प्रशासनिक चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, समर्पण और सेवा की सच्ची भावना से किसी भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने का आह्वान किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय सह-अध्यक्ष डॉ. पी. सी. चंद्रन, पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. रोहन कुमार रमण एवं डॉ. सौरभ कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संचालन में अनिल कुमार, विजय बाबू राम तथा गौतम रंजन ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। संस्थान के मीडिया सदस्य सचिव उमेश कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण में कुल 42 प्रतिभागियों ने सहभागिता की और कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी को ऑनलाइन प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

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