
पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। आईसीएआर–अटारी, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जनसेवा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आईसीएआर–आरसीईआर, पटना एवं क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र, बेगूसराय के अधिकारियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मियों तथा प्रशासनिक कर्मचारियों सहित कुल 54 प्रतिभागियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के प्रशिक्षण सत्रों का संचालन मास्टर ट्रेनर डॉ. रोहन कुमार रमन (वरिष्ठ वैज्ञानिक) एवं डॉ. सौरभ कुमार (वैज्ञानिक, आईसीएआर–आरसीईआर, पटना) द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान चार प्रमुख मॉड्यूल प्रस्तुत किए गए, जिनमें सेवा उन्मुखता, कार्यस्थल नैतिकता, प्रभावी संप्रेषण तथा व्यावसायिक उत्कृष्टता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, आईसीएआर–अटारी, पटना ने सरकारी सेवा में सेवा भाव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक सच्चे कर्मयोगी के निर्माण में आंतरिक शक्ति एवं पदगत शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं डॉ. मोनोब्रुल्लाह, आईसीएआर–अटारी, पटना ने संगठन के भीतर सकारात्मक, प्रभावी एवं मूल्य-आधारित कार्य संस्कृति विकसित करने में “कर्मयोगी क्षणों” की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए।प्रशिक्षण के उपरांत प्राप्त फीडबैक से यह स्पष्ट हुआ कि 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान, दृष्टिकोण एवं कार्य के प्रति प्रेरणा में उल्लेखनीय सुधार की जानकारी दी। इससे न केवल कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने में सहायता मिली, बल्कि प्रतिभागियों को कर्मयोगी के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन हेतु भी प्रेरणा प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का समापन डॉ. डी. वी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर–अटारी, पटना एवं कार्यक्रम समन्वयक द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।





