माँ गंगा का वरदान है यह पुस्तक: ‘प्रयागराज महाकुंभ-2025’ का गंगा तट पर भव्य विमोचन

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)- विषेश प्रतिनिधि। आस्था, साहित्य और संस्कृति की त्रिवेणी संगम तट पर उस समय सजीव हो उठी, जब माँ गंगा के पावन सान्निध्य में महाकुंभ की विराट चेतना को शब्दों में सहेजती पुस्तक “प्रयागराज महाकुंभ-2025 (आस्था का महामेला)” का भव्य विमोचन संपन्न हुआ। लोकरंजन प्रकाशन से प्रकाशित तथा डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ द्वारा रचित इस कृति का विमोचन माघमेला क्षेत्र स्थित श्री निम्बार्काचार्य पीठ में विद्वानों, संतों एवं साहित्यप्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. रवि कुमार मिश्र उपस्थित रहे। सारस्वत अतिथि के रूप में ॐ ब्रह्म दरबार साधना केंद्र के पीठाधीश्वर संत जय महाराज तथा विशिष्ट अतिथियों में स्वामी कृष्णानन्द महाराज, युवराज अमरेन्द्र एवं कृष्ण गोस्वामी महाराज शामिल रहे।

विमोचन से पूर्व अतिथियों ने माँ वीणापाणि के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना का सुमधुर गायन पंडित अमित पाण्डेय एवं प्रियम पाण्डेय द्वारा किया गया।इस अवसर पर लेखिका डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ ने पुस्तक की रचना-प्रक्रिया एवं भावभूमि पर प्रकाश डालते हुए अपने संस्मरण साझा किए तथा एक भावपूर्ण मुक्तक प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. रवि कुमार मिश्र ने कहा कि प्रयागराज की महिमा को चित्रित करती यह कृति पाठकों के बीच दूर तक अपनी पहचान बनाएगी। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने पुस्तक को महाकुंभ का सजीव एवं प्रामाणिक दस्तावेज बताया।

संत जय महाराज ने पुस्तक और कवयित्री के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि स्वामी कृष्णानन्द महाराज, युवराज अमरेन्द्र, कृष्ण गोस्वामी महाराज, डॉ. प्रदीप चित्रांशी, डॉ. रामलखन चौरसिया, पंडित राकेश मालवीय ‘मुस्कान’ तथा डॉ. इंदु प्रकाश मिश्र ‘जमदग्नि’ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बालक उत्कर्ष मिश्र द्वारा प्रस्तुत गीत ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

समारोह के दौरान राकेश पाण्डेय एवं पूर्णिमा पाण्डेय द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को अंगवस्त्र एवं मुक्ताहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पंडित प्रमोद पाण्डेय, आचार्य शिवेन्द्र सारस्वत, आशीष मिश्र, कमला मिश्र, राजश्री शुक्ल, विनोद, डॉ. प्रतिभा, अंजू, किरण, रमा पाण्डेय, अलका रंजना, पूनम, प्रियम, आश्विन, डॉ. वीरेंद्र तिवारी, अरविन्द मिश्र, केशव सक्सेना सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाशक रंजन पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आचार्य शिवेन्द्र सारस्वत द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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